Iran US War: अमेरिका और ईरान में सैन्य संघर्ष लगातार जारी है. इस बीच अमेरिकी सेना ने गुरुवार तड़के दावा किया कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी सैन्य कमान के अनुसार, इस अभियान में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 12 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि करीब 2 घंटे तक चले हमलों में सैन्य कमान केंद्रों, मिसाइल और ड्रोन प्रतिष्ठानों के साथ-साथ तटीय निगरानी एवं रक्षा स्थलों को निशाना बनाया गया. ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुए, जिसमें उन्होंने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार करने का संकल्प जताया था.
ईरान ने दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप पर हुए हमलों में दो लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं.
मिस्र के बंदरगाह पर भी ड्रोन हमला
इसी बीच ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने दावा किया कि मिस्र के दमियाता बंदरगाह पर ड्रोन हमलों के कारण प्राकृतिक गैस ले जा रहे दो जहाजों में आग लग गई. इनमें एक अमेरिका के स्वामित्व वाला फ्लोटिंग स्टोरेज प्लेटफॉर्म और दूसरा यूनान के स्वामित्व वाला टैंकर बताया गया है. हालांकि, इन हमलों के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और किसी के हताहत होने की भी सूचना नहीं है.
क्षेत्रीय तनाव फिर बढ़ा
कई दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद विभिन्न मोर्चों पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू होने से पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है. मिस्र, जो अब तक इस युद्ध में सीधे हमलों से बचा हुआ था, वहां ड्रोन हमलों की खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है. यदि इन हमलों के पीछे ईरान या उसके सहयोगी समूहों की भूमिका की पुष्टि होती है, तो इसे क्षेत्रीय संघर्ष के दायरे में बड़े विस्तार के रूप में देखा जाएगा.
सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के लगाए आरोप
इस बीच, सऊदी अरब ने पिछले दो दिनों में उसके तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों के लिए इराक समर्थित मिलिशिया समूहों को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं, एक अधिकारी के अनुसार सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की.
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