Muhoozi Kainerugaba Controversy : युगांडा। मुहूजी कैनेरुगाबा एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में तुर्की से एक अरब डॉलर की मांग करते हुए कहा कि देश की “सबसे खूबसूरत महिला” उन्हें दुल्हन के रूप में दी जाए। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो युगांडा तुर्की से अपने संबंध तोड़ सकता है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने ये ट्वीट्स हटा दिए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया।
राष्ट्रपति के बेटे हैं कैनेरुगाबा
कैनेरुगाबा, युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के बेटे हैं और पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं।
पहले भी दे चुके हैं अजीब प्रस्ताव
अक्टूबर 2022 में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को शादी का प्रस्ताव दिया था। इसके बदले उन्होंने 100 अंकोले गायों (लंबे सींग वाली विशेष नस्ल) की पेशकश की थी, जिन्हें उन्होंने “धरती की सबसे खूबसूरत गायें” बताया था। उस समय मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री नहीं बनी थीं।
सोशल मीडिया पर पूछी थी ‘दहेज’ की राय
कैनेरुगाबा ने तब सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स से पूछा था कि मेलोनी से शादी करने के लिए उन्हें कितनी गायें देनी चाहिए। उन्होंने अपने सांस्कृतिक संदर्भ का हवाला देते हुए लिखा था कि “हमारे यहां जिस लड़की को पसंद करते हैं, उसे एक गाय दी जाती है।”
रोम पर कब्जे की दी थी धमकी
इस प्रस्ताव के बाद उन्होंने एक और विवादित बयान देते हुए कहा था कि यदि “रोमन” उनकी गायों को स्वीकार नहीं करते, तो उन्हें रोम पर कब्जा करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया था कि इसमें उन्हें कुछ ही दिन लगेंगे।
आर्मी चीफ बेटा करे गलती, राष्ट्रपति पिता मांगे माफी
उनके बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई। मुहूजी कैनेरुगाबा के विवादित बयानों के चलते एक बार फिर युगांडा सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। उनके बयान पर बढ़ते विवाद के बीच उनके पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। मुहूजी, जिन्हें राष्ट्रपति का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। साल 2022 में उन्होंने पड़ोसी देश केन्या पर आक्रमण की धमकी देकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी सेना को नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते से ज्यादा समय नहीं लगेगा। इस बयान के बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि राष्ट्रपति मुसेवेनी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मुहूजी को आर्मी चीफ के पद से अस्थायी रूप से हटा दिया और केन्या से औपचारिक माफी भी मांगी।



