नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) नेता असद कैसर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कथित तौर पर पाकिस्तानी यात्रियों के साथ होटल में भेदभाव का मुद्दा उठाया। कैसर के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को ठहराने के लिए होटल की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर कहा गया कि होटल में केवल भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले यात्रियों को ही ठहराया जाएगा, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को जगह नहीं दी गई।
असद कैसर ने बताया अपना अनुभव
PTI नेता असद कैसर ने दावा किया कि वह खुद उस समय वहां मौजूद थे। उन्होंने पाकिस्तानी यात्रियों के साथ कथित व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान सरकार से इस मामले को UAE के सामने कूटनीतिक स्तर पर उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि UAE पाकिस्तान का करीबी और भाईचारे वाला देश है। ऐसे में अगर पाकिस्तानी नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए और वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय से UAE सरकार से बात करने की मांग
असद कैसर ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री से अपील की कि UAE के अधिकारियों के सामने यह मामला उठाया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच लंबे समय से आर्थिक, सामाजिक और कूटनीतिक संबंध हैं। कैसर ने यह भी दावा किया कि उन्हें अन्य पाकिस्तानी यात्रियों से भी इसी तरह की शिकायतें मिली हैं। उनके अनुसार, एक प्रतिनिधिमंडल ने भी इस मामले को उनके सामने रखा था। हालांकि, उन्होंने UAE सरकार और वहां के लोगों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि किसी एक घटना को दोनों देशों के संबंधों पर असर डालने की वजह नहीं बनना चाहिए।
UAE में बड़ी संख्या में रहते हैं पाकिस्तानी
संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी प्रवासी रहते हैं। इसी वजह से पाकिस्तान में असद कैसर के दावे के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। कैसर ने कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानी समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
असद कैसर के इस दावे को लेकर अभी महत्वपूर्ण बात यह है कि होटल में केवल भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को ठहराने तथा पाकिस्तानी यात्रियों को रोकने की बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाह पाकिस्तान सरकार और UAE अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर है। अगर पाकिस्तान सरकार आधिकारिक तौर पर यह मामला UAE के सामने उठाती है, तो इस कथित घटना को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।



