Iran US Conflict: पोप लियो का समर्थन करने के कारण इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर हैं. उन्हें कभी यूरोप और डोनाल्ड ट्रंप के बीच सेतु माना जाता था. पोप लियो 14वें की आलोचना करने के बाद ट्रंप ने अपना गुस्सा मेलोनी पर निकाला जो लंबे समय से उनके सबसे करीबी यूरोपीय सहयोगियों में से एक रही हैं. मेलोनी ने पोप पर इस तीखे हमले को अस्वीकार्य बताया था और ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध का समर्थन नहीं किया था. अब ट्रंप ने ईरान युद्ध में इटली द्वारा साथ नहीं देने पर कड़ी नाराजगी जताई है.
मुझे लगा था कि उनमें साहस है. मैं गलत था: ट्रंप
ट्रंप ने इटली के प्रमुख दैनिक अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मुझे लगा था कि उनमें साहस है. मैं गलत था.’ हालांकि मेलोनी ने ट्रंप के हमलों का सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम मेलोनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि पिछले महीने हुए जनमत संग्रह में मिली करारी हार से उबर रहीं इटली की प्रधानमंत्री ईरान के साथ हुए युद्ध के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रही हैं. जॉन हॉपकिंस एसएआईएस यूरोप की प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय मामलों के संस्थान की निदेशक नताली टॉकी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. ट्रंप यूरोप और इटली समेत दुनिया के कई हिस्सों में बेहद बदनाम हो चुके हैं.’
उनके साथ हमारे संबंध पहले जैसे नहीं रहे: ट्रंप
ट्रंप ने बुधवार को दोहराते हुए कहा कि उनके बीच संबंध खराब हो गए हैं. ‘फॉक्स न्यूज’ से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘उनका (मेलोनी का) रवैया नकारात्मक रहा है. ईरान के मामले में हमारी मदद करने से इनकार किया है, उनके साथ हमारे संबंध पहले जैसे नहीं रहे. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित यूरोपीय संघ की एकमात्र नेता मेलोनी से यह उम्मीद की जा रही थी कि 15 महीने पहले सत्ता में लौटने के बाद वह उनके साथ अपने मजबूत संबंधों का लाभ उठाएंगी. दोनों नेताओं के बीच स्वाभाविक गठबंधन की संभावना थी, क्योंकि दोनों राष्ट्रवादी विचारधारा वाले और प्रवासन पर समान रूप से कठोर रुख रखते हैं. लेकिन ट्रंप की शुल्क नीति का असर इटली पर भी पड़ा और कुछ लोग कह सकते हैं कि इस रिश्ते से उसे कुछ खास फायदा नहीं हुआ. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस महीने दोनों की बातचीत हुई है तो ट्रंप ने ‘कोरिएरे’ को बताया, ‘नहीं, काफी समय से हमारी बातचीत नहीं हुई है.’ एक साल पहले ‘ओवल ऑफिस’में हुई उनकी मुलाकात असहज रही थी, जब उन्होंने शुल्क के मुद्दे पर ट्रंप का सीधे सामना करने से परहेज किया था. ईरान युद्ध को लेकर दोनों देशों के बीच दूरियां और बढ़ीं.
इटली इस युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा:मेलोनी
मेलोनी ने कहा है कि इटली इस युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा और पिछले महीने इटली ने सिसिली के एक महत्वपूर्ण हवाई अड्डे पर अमेरिकी बमवर्षकों को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इस हफ्ते मेलोनी ने पोप पर ट्रंप के हमले को अस्वीकार्य बताया था जो अमेरिकी राष्ट्रपति की अब तक की सबसे सीधी आलोचना थी. वहीं, पोप और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जारी तीखी बयानबाजी के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि पोप लियो 14वें को उन ‘‘ताकतवर लोगों’’ से बचाया जाना चाहिए जिन्होंने हाल में उनकी आलोचना की है.
लियो और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब पोप ने कहा कि ईश्वर उन लोगों को आशीर्वाद नहीं देते जो बम गिराते हैं. पोप ने ट्रंप द्वारा ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी को बिल्कुल अस्वीकार्य बताया. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और वामपंथियों के प्रभाव में हैं. ट्रंप ने दावा किया कि उनकी वजह से ही पोप को यह पद मिला है.
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