नई दिल्ली। एशिया के कई इलाकों में भूकंप के झटकों की खबर सामने आई है। तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी धरती हिलने की जानकारी मिली है। दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में 4.9 तीव्रता और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। वहीं, तिब्बत में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में 16 लोगों की मौत और 32 लोगों के घायल होने की खबर है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कितनी रही भूकंप की तीव्रता?
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद अफगानिस्तान में सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में भूकंप की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। भूकंप के केंद्र, गहराई और प्रभावित क्षेत्रों की आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित भूकंप निगरानी एजेंसियों के अपडेट देखना जरूरी है।
तिब्बत में भूकंप से भारी तबाही
इससे पहले तिब्बत में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने की खबर सामने आई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस आपदा में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के कारण कई मकान ढह गए और कुछ इलाकों में सड़क तथा रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात किए जाने और राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने की जानकारी दी गई है। स्थानीय प्रशासन के लिए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना और क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन करना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।
नागचू में सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में कम से कम 339 मकान और पशुओं के 20 बाड़े ढह गए। इससे स्थानीय लोगों और पशुपालकों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में इमारतों की स्थिति की जांच और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा संबंधित अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
शिमला में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी 2.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस घटना से हुए नुकसान या किसी के घायल होने की पुष्टि के लिए आधिकारिक अपडेट देखना आवश्यक है।
भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतें?
- घर के अंदर हों तो मजबूत मेज के नीचे झुकें, सिर और गर्दन को ढकें तथा मेज को पकड़कर रहें।
- खिड़कियों, कांच और भारी सामान से दूर रहें।
- झटकों के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
- बाहर हों तो इमारतों, बिजली के खंभों और तारों से दूर किसी खुले स्थान पर जाएं।
- झटके रुकने के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश करने से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।



