पणजी/गोवा (प्रज्ञा पांडे)। तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को रेप मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने दोषी करार दिया है। गुरुवार को सुनाए गए फैसले में हाईकोर्ट ने वर्ष 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के आदेश को पलट दिया। अब अदालत इसी मामले में उनकी सजा पर फैसला सुनाएगी।
फैसले के दौरान तरुण तेजपाल अदालत में मौजूद रहे। यह मामला वर्ष 2013 में एक महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। मामला नवंबर 2013 का है। शिकायतकर्ता महिला पत्रकार उस समय तहलका मैगजीन में कार्यरत थीं। आरोप के अनुसार, गोवा में आयोजित ‘थिंक फेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान 7 और 8 नवंबर की रात होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उनका यौन उत्पीड़न किया।
घटना के बाद महिला पत्रकार ने तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखित माफी, स्टाफ के सामने स्वीकारोक्ति और आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठित करने की मांग की थी। मामला सामने आने के बाद गोवा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज, ई-मेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और गवाहों के बयान सहित कई सबूत जुटाए। इसके बाद तरुण तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई और मामला अदालत में विचाराधीन रहा।
गोवा की ट्रायल कोर्ट ने 21 मई 2021 को सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। इस फैसले को गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों का समुचित मूल्यांकन नहीं किया और पीड़िता के घटना के बाद के व्यवहार को आवश्यकता से अधिक महत्व दिया, जबकि अन्य महत्वपूर्ण सबूतों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी माना है। ये धाराएं बलात्कार, यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं। हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी की नजर सजा पर होने वाली सुनवाई पर है। अदालत आज इस मामले में सजा का ऐलान करेगी।



