नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। सावन के पवित्र महीने में देशभर में शिवभक्त कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। इसी बीच दिल्ली के रहने वाले समीर की कहानी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। समीर मुस्लिम समुदाय से आते हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा और कांवड़ यात्रा में उनकी भागीदारी ने उन्हें चर्चा में ला दिया है।
समीर ने पहली बार कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया है। उन्होंने अपने साथियों के साथ हरिद्वार से गंगाजल लिया और भगवान शिव की भक्ति के साथ यात्रा शुरू की। कांवड़ लेकर चल रहे समीर का कहना है कि उनके लिए आस्था और श्रद्धा किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है। समीर के मुताबिक, वह मुस्लिम हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति सम्मान और श्रद्धा रखने में उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उनके लिए यह इंसानियत, प्रेम और आपसी सम्मान का विषय है।
समीर बताते हैं कि उनका बचपन एक हिंदू ताऊ के साथ बीता। ताऊ ने उनका पालन-पोषण किया और उन्हें हमेशा प्यार व अपनापन दिया। बचपन से ही उन्हें अलग-अलग धर्मों की परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिला। समीर का कहना है कि हिंदू ताऊ से मिले संस्कारों ने उन्हें सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया। उनके लिए धर्म से ज्यादा इंसानियत और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र मायने रखती है। यात्रा के दौरान जब लोगों को पता चला कि समीर मुस्लिम होकर भी कांवड़ यात्रा में शामिल हैं, तो कई शिवभक्तों ने उनसे बातचीत की और उनकी कहानी जानी। कई लोगों ने इसे धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान की मिसाल बताया। समीर का कहना है कि उन्हें बचपन से ही सिखाया गया है कि हर धर्म की अच्छी बातों का सम्मान करना चाहिए। उनका मानना है कि भक्ति और श्रद्धा इंसान को जोड़ने का काम करती है।



