Friday, May 24, 2024
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    भारत में बढ़ी बाघों की दहाड़, हर राज्य में बढ़ रहा कुनबा, देखिए स्पेशल रिपोर्ट

    नई दिल्ली। देश में एक था टाइगर से ज्यादा चर्चा अब टाइगरों के जिंदा रहने और फलने-फूलने की होगी। केन्द्र सरकार की ओर से शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के दिन बाघ गणना के आंकड़े जारी होने के बाद साफ हो गया कि देश में उनको जीने के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है। टाइगर सेंसेक्स की जारी ताजा सूची के अनुसार वर्ष 2022 में बाघों का कुनबा अच्छा बढ़ा और देश में 3 हजार 682 बाघ हो गए। तकरीबन हर राज्य में इनकी संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश ने टाइगर स्टेट का दर्जा कायम रखा। इस बार 785 बाघों के साथ प्रदेश अव्वल रहा। वहीं, कर्नाटक में 563, उत्तराखंड में 560 बाघ और महाराष्ट्र में 444 बाघ मिले। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को बाघ गणना-2022 के राज्यवार आंकड़े जारी किए। वन मंत्री ने ट्वीट कर मध्य प्रदेश को बधाई दी और लिखा, मध्य प्रदेश को बधाई। 785 बाघों के साथ देश का सबसे अधिक बाघ वाला राज्य बना है। यह बाघों के संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ गहन संरक्षण और निगरानी से ये संभव हो सका है।

    सीएम चौहान ने प्रदेश को दी बधाई

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, अत्यंत हर्ष की बात है कि प्रदेशवासियों के सहयोग और वन विभाग के अथक प्रयासों से चार वर्ष में जंगल के राजा बाघों की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई। मैं पूरे प्रदेश की जनता को, वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण में उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद और बधाई देता हूं।

    मध्य प्रदेश में चार साल में बढ़े 259 बाघ

    वर्ष 2006 में बाघ संरक्षण के प्रयासों को देश में गति दी गई। इसके बाद से इनकी संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2006 में 300 बाघों के साथ मध्य प्रदेश सबसे अधिक बाघों वाला राज्य था। लेकिन 2010 में यह संख्या घटकर 257 रह गई। तब मध्य प्रदेश से टाइगर स्टेट का दर्जा कर्नाटक ने छीन लिया। वर्ष 2014 में मध्य प्रदेश में 308 बाघ थे और 2018 में 526 बाघ। 2018 में मध्य प्रदेश ने सिर्फ दो बाघ अधिक होने की वजह से कर्नाटक से फिर टाइगर स्टेट का दर्जा छीन लिया। इसके बाद प्रदेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चार साल में प्रदेश में 259 बाघ बढ़े, जबकि कर्नाटक में सिर्फ 39 बाघ। मध्य प्रदेश और कर्नाटक का अंतर 2022 में 222 का हो गया।

    देश में भी बढ़ता गया बाघों का आंकड़ा

    2006 में देश में 1411 बाघ थे, जो चिंताजनक तस्वीर थी। इसके बाद 2010 में 1706, 2014 में 2226, 2018 में 2967 और 2022 में 3682 बाघ हो गए।

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