नई दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सरकार के अनुसार, 39 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राष्ट्रीय अवकाश के कारण घरों में थे लोग
बुधवार, 25 जून को वेनेजुएला में वर्ष 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। अधिकांश लोग अपने घरों में रहकर फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग इमारतों के मलबे में दब गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार कई स्थानों पर मलबे के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हजारों लोगों की जान जाने की आशंका
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) का अनुमान है कि इस आपदा में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत होने की 44% संभावना है, जबकि एक लाख तक लोगों के मारे जाने की 30% आशंका जताई गई है। शुरुआती अनुमान के अनुसार भूकंप से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
देश में आपातकाल लागू
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रोड्रिग्ज से बातचीत कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
लोग घर लौटने से डर रहे
भूकंप के बाद हजारों लोगों ने पार्कों और सड़कों पर रात बिताई। लोगों का कहना है कि आफ्टरशॉक और कमजोर हो चुकी इमारतों के कारण वे अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ाई राहत सहायता
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने राहत और बचाव अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सर्च एंड रेस्क्यू टीमें भेजने का फैसला किया है। साथ ही आपातकालीन राहत कोष से 15 मिलियन डॉलर (करीब 1.5 करोड़ डॉलर) जारी किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने कहा कि इस समय हर घंटा बेहद महत्वपूर्ण है।
सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ ला गुआइरा
भूकंप से सबसे अधिक नुकसान ला गुआइरा राज्य में हुआ है। यहां 70 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो के मुताबिक, 100 से अधिक इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। राहत कार्यों को तेज करने के लिए बचावकर्मियों की संख्या 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी गई है। वहीं, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया कि ला गुआइरा में करीब 250 इमारतें क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यहां एक 10 मंजिला इमारत पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई।
अस्पतालों पर बढ़ा दबाव
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, घायलों की संख्या 4,300 से अधिक हो चुकी है। प्रभावित इलाकों के अस्पताल मरीजों से भर गए हैं, जिसके चलते सरकार ने कई फील्ड हॉस्पिटल शुरू किए हैं। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।
अमेरिका और कनाडा ने भेजी मदद
अमेरिका ने वेनेजुएला के लिए शुरुआती राहत सहायता भेज दी है। अमेरिकी सदर्न कमांड ने ट्रांसपोर्ट शिप USS Fort Lauderdale और युद्धपोत USS Billings के जरिए राहत सामग्री, मेडिकल सहायता और रेस्क्यू टीमें रवाना की हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की हरसंभव मदद करेगा। वहीं अमेरिकी विदेश विभाग ने 150 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। कनाडा ने भी 3.5 मिलियन डॉलर की मानवीय सहायता देने का ऐलान किया है। यह राशि भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी राहत कार्यों पर खर्च की जाएगी।
कराकस एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त, राहत पहुंचाने में परेशानी
राजधानी कराकस का मुख्य हवाई अड्डा भूकंप में क्षतिग्रस्त होने के कारण अंतरराष्ट्रीय राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद दुनिया भर से सहायता लगातार भेजी जा रही है।
राहत अभियान जारी
सरकार, सेना, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और रेस्क्यू टीमें संयुक्त रूप से मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों तक पहुंच बनाई जा रही है, मृतकों और घायलों का आंकड़ा बढ़ सकता है।



