जयपुर। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और इस मौके पर महिलाएं अक्सर अपनी पसंदीदा जूलरी पहनना पसंद करती हैं। अगर लॉकर में रखी चांदी की पायल, कड़े या दूसरी जूलरी काली पड़ गई है, तो उसे साफ करने के लिए हर बार ज्वेलर के पास जाने की जरूरत नहीं है। चांदी लंबे समय तक हवा की नमी और सल्फर यौगिकों के संपर्क में रहने पर धीरे-धीरे काली पड़ सकती है। इसे टार्निश कहा जाता है। घर पर मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से इस पर जमी काली परत को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
चांदी साफ करने के लिए चाहिए ये चीजें
- एक बड़ा बाउल
- एल्युमिनियम फॉयल
- गर्म पानी
- 1-2 चम्मच नमक
- 1-2 चम्मच बेकिंग सोडा
- मुलायम और सूखा कपड़ा
20 मिनट में ऐसे करें चांदी की सफाई
स्टेप 1: सबसे पहले एक बड़े बाउल के अंदर एल्युमिनियम फॉयल बिछा दें। इसके बाद उसमें गर्म पानी डालें।
स्टेप 2: अब पानी में 1-2 चम्मच नमक और 1-2 चम्मच बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें।
स्टेप 3: काली पड़ी चांदी की पायल या जूलरी को इस घोल में डाल दें। इसे करीब 20 मिनट तक छोड़ दें।
स्टेप 4: करीब 20 मिनट बाद जूलरी को बाहर निकालें और मुलायम, सूखे कपड़े से धीरे-धीरे पोंछें। इसके बाद इसे अच्छी तरह सुखा लें।
कैसे काम करती है ये ट्रिक?
एल्युमिनियम फॉयल, नमक, बेकिंग सोडा और गर्म पानी के साथ होने वाली रासायनिक प्रक्रिया चांदी की सतह पर मौजूद टार्निश को हटाने में मदद कर सकती है। इसी वजह से जूलरी को ज्यादा रगड़ने की जरूरत नहीं पड़ती और उसकी चमक बेहतर दिखाई दे सकती है।
इन जूलरी पर न आजमाएं ये तरीका
हर तरह की चांदी की जूलरी के लिए यह तरीका उपयुक्त नहीं माना जा सकता। अगर आपकी जूलरी एंटीक, बहुत नाजुक या खास फिनिश वाली है, तो इसे साफ करने से पहले ज्वेलर की सलाह लेना बेहतर है। इसके अलावा, जिस जूलरी में मोती, नाजुक स्टोन, पर्ल या अन्य सजावटी सामग्री लगी हो, उसे गर्म पानी और बेकिंग सोडा वाले घोल में डालने से बचें। ऐसी जूलरी के लिए निर्माता या ज्वेलर की सुझाई सफाई विधि अपनाना बेहतर रहेगा।
चांदी को दोबारा जल्दी काला होने से कैसे बचाएं?
सफाई के बाद चांदी को पूरी तरह सुखाकर एयरटाइट ज्वेलरी बॉक्स या पाउच में रखें। नमी, परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और घरेलू केमिकल्स के सीधे संपर्क से चांदी को बचाने से टार्निशिंग की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद मिल सकती है।
नोट: किसी भी घरेलू सफाई विधि को पूरी जूलरी पर इस्तेमाल करने से पहले उसके छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर सावधानी से जांच करना बेहतर है।



