Rajasthan UCC : जयपुर। राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 के प्रारूप निर्माण के लिए जोधपुर संभाग में आयोजित दो दिवसीय जनसुनवाई संपन्न हुई। प्रारूप समिति की सदस्या डॉ. शुचि चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाली, जालोर और सिरोही के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न वर्गों से सुझाव लेकर यूसीसी मसौदे को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
संभागीय आयुक्त श्री कन्हैयालाल स्वामी ने बताया कि जनसुनवाई संबंधित जिलों के जिला कलक्टर्स की अध्यक्षता में गठित स्थानीय पैनलों के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों का प्रारूप समिति द्वारा विस्तृत विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी।

वेबसाइट एवं क्यूआर कोड के माध्यम से भी दे सकते हैं सुझाव
संभागीय आयुक्त ने बताया कि आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ucc.rajasthan.gov.in वेबसाइट बनाई गई है। नागरिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक अथवा प्रचार सामग्री में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे पोर्टल पर पहुंच सकते हैं और अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर नागरिक 400 शब्दों तक अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति विस्तृत सुझाव देना चाहता है, तो वह पीडीएफ के रूप में अपना दस्तावेज भी अपलोड कर सकता है।
उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी 25 जुलाई तक दे सकेंगे लिखित सुझाव स्वामी ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ नागरिक 25 जुलाई तक संबंधित उपखंड अधिकारी कार्यालय में अपने लिखित सुझाव, अभ्यावेदन अथवा रिप्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत कर सकते हैं। इन सभी सुझावों को संकलित कर राजस्थान समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति को उपलब्ध कराया जाएगा।

एसएमएस के माध्यम से भी किया जा रहा है जागरूक
संभागीय आयुक्त ने बताया कि अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर के मोबाइल उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से भी यूसीसी से संबंधित जानकारी एवं सुझाव देने की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।
अधिक से अधिक लोग निभाएं सहभागी भूमिका
संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक नागरिक यूसीसी पोर्टल एवं अन्य उपलब्ध माध्यमों के जरिए अपने सुझाव प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सुझाव समान नागरिक संहिता के प्रभावी, व्यावहारिक एवं सर्वसमावेशी प्रारूप के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा राज्य के नीति-निर्धारण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
यह खबर भी पढ़ें:-जगन गुर्जर केस में नया मोड़: जेल के अंदर पप्पू गुर्जर समेत कई बंदियों से होगी पूछताछ, खुल सकते हैं बड़े राज



