जयपुर। राजस्थान में सड़क और परिवहन ढांचे के विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर निर्माण कार्यों और परियोजनाओं की जानकारी साझा की है। सरकार के अनुसार, प्रदेश में 37,527 करोड़ रुपये की लागत से 51,790 किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया है। इनमें 9,704 करोड़ रुपये की लागत से बनी 18,917 किलोमीटर नई सड़कें भी शामिल हैं। सड़क नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
37,527 करोड़ रुपये से 51,790 किलोमीटर सड़कों का विकास
राज्य सरकार के अनुसार, सड़क विकास कार्यों के तहत प्रदेश में नई सड़कों के निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों के सुधार और नवीनीकरण पर भी ध्यान दिया गया है। कुल 51,790 किलोमीटर सड़कों के विकास पर 37,527 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें 18,917 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण 9,704 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। सरकार का कहना है कि सड़क नेटवर्क मजबूत होने से आवागमन आसान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
1,760 गांवों को डामर सड़कों से जोड़ा
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी काम किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1,760 गांवों और 21 बसावटों को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। ग्रामीण सड़क विकास पर 12,311 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजारों और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सभी 41 जिलों में विकास कार्यों पर जोर
राज्य के सभी 41 जिलों में सड़क और अन्य संबंधित विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना के तहत 3,040 करोड़ रुपये के 1,763 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा, 371 करोड़ रुपये की लागत वाले 261 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सड़क नेटवर्क की पहुंच बढ़ाना है।
765 अटल प्रगति पथ स्वीकृत
पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 765 अटल प्रगति पथ स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 335 अटल प्रगति पथों का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी गई है। शेष कार्यों को 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सड़कों से गांवों के भीतर आवागमन और स्थानीय संपर्क व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
6,815 किलोमीटर सड़कों पर काम जारी
राज्य में नॉन-पेचेबल और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण एवं सुधार के लिए 2,226 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। इसके साथ ही 6,815 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और निर्माण का काम जारी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य खराब सड़कों में सुधार करना और उन इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अभी कनेक्टिविटी की कमी है।
ROB, RUB और एलिवेटेड रोड परियोजनाएं भी जारी
सड़क यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और रेलवे अंडरब्रिज (RUB) का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 13 ROB और 17 RUB का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कई अन्य परियोजनाओं पर काम जारी है। जयपुर और भरतपुर में एलिवेटेड रोड का निर्माण भी प्रगतिरत है। इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण पर 1,900 करोड़ रुपये खर्च
राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुधार के लिए 1,900 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, आधुनिक तकनीक के माध्यम से सड़क निर्माण की गुणवत्ता और परियोजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के 165 टोल प्लाजा पर FASTag सुविधा उपलब्ध होने से टोल भुगतान को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
बेहतर कनेक्टिविटी से विकास को बढ़ावा देने पर फोकस
राजस्थान में सड़क परियोजनाओं के विस्तार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत करना है। नई सड़कों, मिसिंग लिंक, अटल प्रगति पथ, ROB, RUB और एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाओं से आवागमन में सुधार की उम्मीद है।



