जोधपुर। यौन अपराध के मामले में दोषी आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। मेडिकल आधार पर पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग खारिज होने के बाद उन्हें 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा। आसाराम 20 दिन की मेडिकल पैरोल पर जेल से बाहर थे।
मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग
आसाराम ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और इलाज जारी होने का हवाला देते हुए पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली। अब पैरोल की अवधि समाप्त होने पर उन्हें जेल लौटना होगा। राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी थी। यह राहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम को मिली थी।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में काट रहे उम्रकैद
आसाराम जोधपुर में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने मई 2026 में उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। इसके खिलाफ उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
सरेंडर के बाद नवंबर में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि पैरोल अवधि समाप्त होने और आसाराम के सरेंडर करने के बाद उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट से मामले के रिकॉर्ड मंगाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आगे की सुनवाई में उनका परीक्षण किया जा सके।
गुजरात के मामले में भी काट रहे हैं सजा
आसाराम गुजरात के गांधीनगर में दर्ज एक अलग दुष्कर्म मामले में भी दोषी ठहराए जा चुके हैं। उस मामले में उनकी अपील लंबित है। दोनों मामले अलग-अलग हैं और उनमें न्यायिक कार्यवाही स्वतंत्र रूप से चल रही है। फिलहाल, मेडिकल पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग पर राहत नहीं मिलने के बाद आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल लौटना है।



