Private Bus Strike Update: प्रदेश में निजी बसों की हड़ताल के चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार और प्राइवेट बस ऑपरेटर्स के बीच अब तक 2 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है. जिसकी कारण हड़ताल फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है. बस ऑपरेटर्स की मंगलवार को परिवहन आयुक्त के साथ बैठक में सुलह की राह नहीं निकल पाई.
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने अब एक शर्त रखी है जिसमें उन्होंने RTO द्वितीय धर्मेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर राजेश चौधरी को APO करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इसके बाद ही तीसरे दौर की वार्ता होगी.
निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल की वजह
बस संचालक RTO की सख्त कार्रवाई, भारी चालान और RC निलंबन के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. उनका कहना है कि बसों की छत पर सामान रखने और कैरियर हटाने को लेकर हो रही कार्रवाई अनुचित है. इसके अलावा AIPP परमिट टैक्स को एमपी और यूपी की तर्ज पर स्लैब में कम करने, मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 153 के तहत कार्रवाई बंद करने की मांग शामिल है. इन्हीं मांगों के समर्थन में बस मालिकों ने सामूहिक हड़ताल करने का निर्णय लिया है.
हड़ताल से यात्री परेशान
गौरतलब है कि प्रदेश में सामान्य दिनों में करीब 35 हजार बसें चलती हैं, लेकिन हड़ताल के बाद केवल रोडवेज की लगभग 3300 बसें ही संचालित हो रही हैं। इससे रोजाना लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर खाटूश्यामजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है, क्योंकि कई रूटों पर बस सेवाएं बंद हैं. यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.




