जयपुर। राजस्थान में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार CCTV निगरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। अब प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने से लेकर उनके रखरखाव तक की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपी जा सकती है। अभी तक यह काम सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) के माध्यम से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हुई पुलिस समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अब पुलिस तय करेगी कहां लगेंगे CCTV कैमरे
वर्तमान व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने का काम DOIT के माध्यम से कराया जाता है। लेकिन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया में कई बार जरूरी स्थानों पर कैमरे लगाने में देरी होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस अपने स्तर पर यह तय कर सकेगी कि किन इलाकों में CCTV कैमरों की ज्यादा जरूरत है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों और अपराध प्रभावित इलाकों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री की बैठक में मिला सैद्धांतिक अनुमोदन
पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया था। डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के सामने सार्वजनिक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग को सौंपने का मुद्दा उठाया था। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री की पुलिस समीक्षा बैठक में इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। अब आगे की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अपराधियों की पहचान में मिलेगी मदद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आज के समय में CCTV कैमरे अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। किसी वारदात के बाद अपराधियों की पहचान करने, संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में इनका इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं पर नजर रखने में भी CCTV कैमरों की अहम भूमिका है।
खराब कैमरों की मरम्मत और रखरखाव भी पुलिस के जिम्मे
मौजूदा व्यवस्था में कैमरों के खराब होने, तकनीकी खामियां आने और उनके रखरखाव को लेकर कई बार विभागों के बीच समन्वय की समस्या सामने आती है। नई व्यवस्था लागू होने पर पुलिस विभाग कैमरों की लोकेशन, गुणवत्ता, स्थापना और नियमित रखरखाव पर सीधे निगरानी रख सकेगा। इससे जरूरत के मुताबिक जल्द फैसले लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।



