Friday, July 10, 2026
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राजस्थान सहकारी मॉडल: ‘सहकार से समृद्धि’ में राजस्थान नंबर-1, अन्न भंडारण से ई-पैक्स तक बनाई राष्ट्रीय पहचान

राजस्थान ने सहकारिता मॉडल के जरिए अन्न भंडारण, डेयरी, ई-पैक्स, एम-पैक्स और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जबकि डेयरी, जनऔषधि, श्री अन्न आउटलेट्स और भारत टैक्सी जैसी पहलें ग्रामीण विकास को नई गति दे रही हैं।

Rajasthan Cooperative Model : जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सहकारिता को साधन बनाकर समृद्धि की मिसाल पेश की है, जिसका असर धरातल पर नजर आ रहा है। सहकारिता क्षेत्र की राष्ट्रीय योजनाएं हों या फिर कोई नवाचार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narender Modi) के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यही कारण है कि प्रदेश अन्न भंडारण क्षमता, ई-पैक्स के जरिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, एम-पैक्स के गठन जैसी कई योजनाओं में प्रथम स्थान पर है।

अन्न भंडारण योजना में राजस्थान का पहला स्थान

बीते ढाई वर्षों में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सहकारिता मॉडल को लागू करने में कई प्रदेशों को पीछे छोड़ने के साथ ही मुख्य कार्यों में प्रथम स्थान पर है। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 और 2025-26 में प्रदेश में 200 गोदाम स्वीकृत हुए हैं, इनमें से 120 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा शेष का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2026-27 में 50 गोदामों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के तहत तीन साल में राजस्थान में भंडारण क्षमता में कुल 1 लाख 25 हजार मीट्रिक टन बढ़ोतरी होगी।

राष्ट्रीय सहकारी योजनाओं को प्रमुखता के साथ धरातल पर उतारने में राजस्थान ने अपनी खास पहचान बनाई है। यही कारण है कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में 6 जुलाई 2026 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में राजस्थान प्रमुखता से छाया रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर 500 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाले 10 नए अन्न भंडारण गोदामों का शिलान्यास और 50 गोदामों का लोकार्पण किया गया। वहीं, राज्य भंडारण निगम को 100 गोदामों का हस्तांतरण भी किया गया।

मजबूत हो रहा ‘सहकार का परिवार’

राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है कि सहकारिता की लौ गांव-ढाणियों में जल रही है और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे 1 करोड़ 35 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। सहकार सदस्यता अभियान के तहत 8 लाख 90 हजार नए सदस्य जोड़कर सहकार परिवार को ओर मजबूत किया गया हैै।

ई-पैक्स से ऑनलाइन लेनदेन और एम-पैक्स गठन में प्रथम स्थान

तकनीक के बढ़ते दौर में सहकारिता को भी आधुनिकता के साथ जोड़ा जा रहा है। इसी के तहत पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के साथ ई-पैक्स के रूप में तेज गति से विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में चिह्नित 6 हजार 781 पैक्स में से 5 हजार 646 ई-पैक्स बनाए जा चुके हैं, जिनके जरिए 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन हुए हैं, जो देश के कुल ट्रांजेक्शन का लगभग एक तिहाई होने के साथ सभी राज्यों से ज्यादा हैं।

हर पंचायत में सहकारी समिति गठन की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक 5 हजार 279 नई बहु-उद्देशीय सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। इनमें 1 हजार 977 एम-पैक्स का गठन कर प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक बढ़ी किसानों की पहुंच

प्रदेश की लगभग 4 हजार 875 पैक्स तीन या उससे अधिक व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इनके माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन और जन औषधि केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। इसी प्रकार, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक किसानों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पैक्स को भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता दिलाई जा रही है। इस अभियान में भी राजस्थान 6 हजार 753 पैक्स के आंकड़े के साथ देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।

घाटे से उबरी, फायदे का सौदा बनी डेयरी

राजस्थान के डेयरी क्षेत्र में लागू किया गया सहकारिता मॉडल ग्रामीण आत्मनिर्भरता के साथ ही महिला सशक्तीकरण का माध्यम भी बना है। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और जिला दुग्ध संघों से जुड़े नये सदस्यों की संख्या में 70 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि लगभग 9 लाख 40 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्यों में 4 लाख 20 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इतना ही नहीं डबल इंजन सरकार के प्रयासों से घाटे में चल रहे डेयरी संघ भी अब लाभ कमा रहे हैं। पिछले दिनों दर्ज किया गया 10 हजार करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर आरसीडीएफ व जिला दुग्ध संघों के 47 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक है।

71 लाख से अधिक को किसान सम्मान निधि

‘सहकार से समृद्धि’ के मूल मंत्र के साथ राज्य सरकार कई अन्य योजनाओं और नवाचारों के माध्यम से आम जनजीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अलावा मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के जरिए 71 लाख से अधिक किसानों के खातों में कुल 2 हजार 726 करोड़ की राशि जमा करवाई गई हैं। वहीं, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से लगभग 60 हजार गोपालकों को ऋण उपलब्ध करवाया गया है।

240 श्री अन्न आउटलेट्स स्थापित

‘वोकल फॉल लोकल’ के मंत्र के साथ राज्य सरकार द्वारा सहकारी उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला और संभागीय सहकारी मेलों का आयोजन किया गया है। वहीं, प्रधानमंत्री की ‘श्री अन्न’ पहल में सहभागिता निभाते हुए प्रदेश में 240 श्री अन्न आउटलेट्स स्थापित किए गए हैं, जिनसे पोषण के साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

भारत टैक्सी से जुड़े 17 हजार वाहन चालक

निजी टैक्सी मॉडल के एकाधिकार से आमजन और वाहन चालकों को मुक्ति दिलाने के लिए जयपुर में भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। सहकारिता आधारित इस डिजिटल सेवा मॉडल से अब तक 17 हजार कैब, ऑटो और बाइक चालक जुड़ चुके हैं।

स्वास्थय एवं पर्यावरण क्षेत्र में भी बेहतर काम

इसी प्रकार स्वास्थय क्षेत्र में भी सहकारिता मॉडल के तहत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आमजन को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसी के तहत प्रदेश के सभी जिलों में जिला चिकित्सालय या सामुदायिक स्वास्थय केंद्रों में एक-एक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता के सुदृढ़ संगम के साथ जयपुर के सुमेल गांव में सहकार वन भी विकसित किया जा रहा है। 60 एकड़ से अधिक इस भूमि पर जनसहभागिता के साथ जापान की मियावाकी और सामान्य प्रणाली से वृक्षारोपण किया जाएगा।

किसी भी देश या प्रदेश को वास्तविक विकास या समृद्धि प्राप्त करनी है, तो सरकार के प्रयास के साथ ही स्थानीय स्तर पर सहयोग और मिलकर काम करने की भावना जरूरी है। ‘सहकार से समृद्धि’ की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री द्वारा 6 जुलाई 2021 को शुरू किए गए सहकारिता मंत्रालय के जरिए देशभर के सहकारिता क्षेत्र में आई अभूतपूर्व क्रांति में राजस्थान ने अग्रणी भूमिका निभाई है।

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Mukesh Kumar
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