Rahul Gandhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 4 श्रम संहिताओं का हवाला देते हुए गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों और किसानों के भविष्य को नजरअंदाज किया गया है. मजदूरों को डर है कि 4 श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी.’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखी ये बात
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा- ‘आज देश भर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर हैं. मजदूरों को डर है कि 4 श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी.’ उनके मुताबिक, किसानों को आशंका है कि (अमेरिका के साथ किया गया) व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 12, 2026
मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी।
किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी…
पीएम मोदी से पूछा ये सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है. जब उनके (मजदूरों और किसानों के) भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, तब उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ कर दिया गया. उन्होंने सवाल किया कि क्या मोदी जी अब सुनेंगे या उन पर किसी “ग्रिप” की पकड़ बहुत मज़बूत है? राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं.’
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