Sonam Wangchuk News : नई दिल्ली। जलवायु कार्यकता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने संसद में ‘लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक’ पेश किए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार होंगे। उन्होंने साथ ही सरकार से अपील की कि वह हाल के विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के अपने लिखित वादे का सम्मान करे।
लोक परीक्षा विधेयक का किया स्वागत
वांगचुक ने लद्दाख जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की। जलवायु कार्यकर्ता ने चिनाब रेल पुल को पार करने सहित दिल्ली-श्रीनगर यात्रा को ‘‘बहुत ही खूबसूरत अनुभव’’ करार दिया। वांगचुक ने कहा, मुझे भारतीय रेलवे पर बहुत गर्व है। उन्होंने बताया कि लद्दाख जाने से पहले वह और उनकी टीम कश्मीर में एक दिन रुकेगी। परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से हाल में संसद में पेश विधेयक का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्हें खुशी है कि संसद में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विधेयक पेश किया गया है। वांगचुक ने कहा, मुझे उम्मीद है कि सुधार केवल परीक्षाओं में ही नहीं, बल्कि शिक्षा में भी होगा।

प्रदर्शनकारी छात्रों पर FIR नहीं हो दर्ज
वांगचुक ने सरकार से यह भी अपील की कि वह आंदोलन खत्म होने के बाद उनसे और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) से किए गए वादों को पूरा करे। उन्होंने कहा, मैं सरकार से अपील करना चाहता हूं कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने और कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को लेकर जो समझौते पहले लिखित रूप में मेरे साथ और फिर कॉजपा के साथ हुए थे उनका पालन करें और देश में, खासकर युवा पीढ़ी के बीच, भरोसे का माहौल बनाए।
वांगचुक ने कहा कि ‘‘महान राष्ट्र और महान भारत’’ के निर्माण के लिए सरकार और युवाओं के बीच आपसी विश्वास जरूरी है। यह अपील कॉजपा की उस बार-बार की जा रही मांग के बीच आई है जिसमें सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि लोक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशव्यापी आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न किया जाए। कॉजपा ने सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी लंबित मामलों को वापस लेने का लिखित आश्वासन भी मांगा है। साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि अगर इन वादों को पूरा नहीं किया गया, तो वह फिर से विरोध-प्रदर्शन शुरू कर सकती है।



