MSME Bill 2026 : नई दिल्ली। एमएसएमई क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके तहत एमएसएमई के निशुल्क और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म अधिसूचित किया जाएगा, जिससे छोटे उद्यमों को कारोबार में आसानी और अधिक अवसर मिलेंगे।
एमएसएमई को मिलेगा मुफ्त डिजिटल पंजीकरण का लाभ
इस विधेयक का उद्देश्य उद्योग जगत के बदलते हुए परिदृश्य के अनुसार इस क्षेत्र की इकाइयों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत करना है। विधेयक के कारणों एवं उद्देश्यों में कहा गया कि एमएसएमई आर्थिक विकास के मुख्य कारक हैं, रोजगार सृजन करते हैं और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। ऐसी इकाइयां सकल घरेलू उत्पाद एवं निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं तथा देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
इसमें कहा गया कि पिछले कुछ समय के दौरान तकनीकी बदलाव, सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित प्रणालियों के बढ़ते प्रयोग और बदलते विधिक परिदृश्य में मूल अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता महसूस की गयी। इस विधेयक के माध्यम से 2006 के मूल अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि एमएसएमई के निशुल्क और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म अधिसूचित किया गया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि एमएसएमई की तरलता के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों से वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के मामले में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को उनके ‘‘इनवाइस’’ का निस्तारण व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली प्लेटफार्म के माध्यम से करना होगा। विधेयक में इस बात के भी प्रावधान हैं कि राज्य अपने सार्वजनिक उपक्रमों के लिए भी इस तरह के उपबंध करेंगे।



