जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उन्हें 7 मई 2026 को उनके घर से गिरफ्तार किया था। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद करीब पांच महीने बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला
महेश जोशी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने सुनवाई की थी। 12 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को बेंच ने फैसला सुनाते हुए जोशी को जमानत दे दी।
JJM घोटाले में ACB ने किया था गिरफ्तार
जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में ACB ने 7 मई 2026 की सुबह महेश जोशी को उनके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ED के मामले में भी मिल चुकी है जमानत
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़े मामले में 24 अप्रैल 2025 को महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। उस दौरान वह करीब सात महीने जेल में रहे थे।
फिलहाल, JJM मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली ताजा राहत के बाद महेश जोशी की जेल से रिहाई का रास्ता खुल गया है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है।



