Wednesday, August 5, 2026
HomeIndiaमहाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध, नियम...

महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़े तो जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान!

महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एनालॉग (नॉन-डेयरी) पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर जेल, भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की कार्रवाई हो सकती है।

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग (नॉन-डेयरी) पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण पर तत्काल प्रभाव से एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बाद ऐसा कदम उठाने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान एनालॉग पनीर को असली डेयरी पनीर बताकर बेचता है, तो इसे उपभोक्ताओं को गुमराह करना माना जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूरे सप्लाई चेन पर लगा प्रतिबंध

30 जुलाई को खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, थोक एवं खुदरा बिक्री और बिक्री के लिए पेश करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस आदेश के साथ ही एनालॉग पनीर से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन पर प्रतिबंध लागू हो गया है।

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act, 2006) के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • गंभीर मामलों में 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • यदि असुरक्षित खाद्य पदार्थ के सेवन से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

FDA ने दी सख्त चेतावनी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कहा है कि यदि कोई व्यापारी या प्रतिष्ठान एनालॉग पनीर को असली डेयरी पनीर बताकर बेचता है, तो इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और अनुचित व्यापारिक गतिविधि माना जाएगा। ऐसे मामलों में Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध की मांग कोई नई नहीं है। पिछले वर्ष महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। उस दौरान कई विधायकों ने राज्य में इस उत्पाद पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अब सरकार ने उस मांग को स्वीकार करते हुए राज्यभर में इस पर पूर्ण रोक लगाने का फैसला लिया है।

सरकार का संदेश

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि बाजार में असली डेयरी पनीर के नाम पर नॉन-डेयरी उत्पाद बेचना लोगों के स्वास्थ्य और उपभोक्ता अधिकारों दोनों के साथ खिलवाड़ है। इस फैसले के बाद राज्य में एनालॉग पनीर का निर्माण, बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image