जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आज कांग्रेस वोट चोरी के आरोप लगाकर राजनीति कर रही है, जबकि मतदाता सूची और नागरिकता से जुड़े मामलों पर उसे स्वयं सवालों का जवाब देना चाहिए। सोनिया गांधी का पहले मतदाता पहचान कार्ड बना, उसके बाद उन्होंने भारत की नागरिकता ग्रहण की थी। ऐसे में कांग्रेस को इस विषय पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, यह वोट चोरी ही तो थी।
राठौड़ ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम कटने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए और कहा कि जिन लोगों के नाम कटने की बात कही जा रही है, उन्हें सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। तथ्यों के सामने आने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जबकि कांग्रेस नाम कटने के नाम पर केवल हल्ला कर भ्रम फैला रही है।
भाजपा प्रदेश राठौड़ ने कहा कि रैली निकालना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक तथा राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल अनुशासन और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। अनुशासनहीनता करना और देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास करना निंदनीय है।
राठौड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के संदर्भ में कहा कि देश में विद्रोह के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने जैसी बातें लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति गंभीर सवाल खड़े करती हैं। खरगे के कार्यक्रम में बोलने वाला व्यक्ति भी कांग्रेसी था, उसने कहा था कि देश में विद्रोह करना पड़ेगा तब मोदी हटेगा, इसका मतलब कितना जहर उसके अंत:करण में भरा हुआ है। ये जहर भरने वाले भी ये ही लोग है।
मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक दलों को इस बात पर आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना उचित है? लोकतंत्र में सत्ता जनता का विश्वास जीतकर, जनसेवा करके और चुनावों में जनादेश प्राप्त करके हासिल की जाती है। यदि कोई राजनीतिक दल जनता के बीच काम किए बिना, सेवा और प्रयास के जरिए विश्वास अर्जित किए बिना सत्ता प्राप्त करने की बेचैनी दिखाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी आज सत्ता के बिना तड़प रही हैं। ऐसे में ये सत्ता प्राप्त करने के लिए अराजकता, विद्रोह का माहौल बनाना चाह रहे है। सत्ता प्राप्त करना प्रत्येक राजनीतिक दल का राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है, लेकिन इसके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। जनता के बीच जाकर काम करना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और अपने कार्यों के आधार पर जनसमर्थन हासिल करना ही राजनीति का सही रास्ता है।



