जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। इस साल 1 जनवरी से 12 अक्टूबर तक शहर में 14,30,462 चालान किए गए हैं। इन पर करीब 17 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा चालान तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के हुए हैं। बिना हेलमेट, नो पार्किंग और रेड लाइट जंप करने जैसे मामलों में भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है।
हर 17 सेकंड में एक चालान, रोजाना 5 हजार से ज्यादा कार्रवाई
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 285 दिनों में कुल 14,30,462 चालान किए गए। इसका औसत निकालें तो हर दिन करीब 5,019 चालान हुए। यानी औसतन हर 17 सेकंड में एक चालान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस की ओर से इंटरसेप्टर वाहनों और तकनीक आधारित निगरानी के जरिए नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
ओवरस्पीडिंग के सबसे ज्यादा चालान
शहर में तेज रफ्तार से वाहन चलाना यातायात नियमों के उल्लंघन का सबसे बड़ा कारण रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 285 दिनों में ओवरस्पीडिंग के 3,17,801 चालान किए गए। इस श्रेणी में औसतन हर दिन 1,115 चालान हुए। तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख जोखिम है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस की ओर से ओवरस्पीडिंग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बिना हेलमेट और रेड लाइट जंप करने वालों पर भी कार्रवाई
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों और अन्य वाहन चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। आंकड़ों के मुताबिक:
- बिना हेलमेट: 83,790 चालान
- नो पार्किंग: 68,551 चालान
- रेड लाइट जंप: 48,775 चालान
- दोपहिया वाहन पर तीन सवारी: 46,651 चालान
- बिना सीट बेल्ट: 19,119 चालान
- गलत दिशा में वाहन चलाना: 17,086 चालान
- वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल: 14,572 चालान
- शराब पीकर वाहन चलाना: 5,448 चालान
- ब्लैक फिल्म लगे वाहन: 23,129 चालान
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर औसतन हर दिन करीब 294 चालान किए गए। वहीं, नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर प्रतिदिन लगभग 241 चालान हुए।
VOC ऐप से 6.82 लाख से ज्यादा चालान
डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, इस साल यातायात नियमों के उल्लंघन पर पिछले साल के मुकाबले चालानों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि VOC ऐप के माध्यम से 6,82,900 से ज्यादा चालान किए गए हैं। इस व्यवस्था में कैमरे से नियम तोड़ने वाले वाहन की तस्वीर लेकर चालान जारी किया जाता है। इसके बाद वाहन मालिक के मोबाइल पर चालान का संदेश भेजा जाता है। इससे वाहन को सड़क पर रोकने की जरूरत कम होती है और कार्रवाई को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है।
इंटरसेप्टर कार के साथ बाइक से भी निगरानी
जयपुर ट्रैफिक पुलिस ओवरस्पीडिंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर नजर रखने के लिए इंटरसेप्टर कार के साथ बाइक इंटरसेप्टर का भी इस्तेमाल कर रही है। पुलिस के अनुसार, बाइक इंटरसेप्टर से तेज रफ्तार वाहनों के अलावा गलत दिशा में चलने वाले और अन्य नियम तोड़ने वाले चालकों पर भी निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से वन-वे यातायात वाले क्षेत्रों में इस व्यवस्था का उपयोग किया जा रहा है।
शहर के चौराहों पर लगेंगे ITMS कैमरे
जयपुर में तकनीक आधारित ट्रैफिक निगरानी बढ़ाने की भी तैयारी है। पुलिस के अनुसार, शहर के कुछ हिस्सों में पहले से ITMS कैमरे लगाए गए हैं। आने वाले समय में अधिक चौराहों पर ऐसे कैमरे लगाने की योजना है। इन कैमरों के जरिए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तस्वीर लेकर ई-चालान जारी किए जा सकेंगे। चालान की समीक्षा के लिए ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय में टीम भी काम करती है। वाहन मालिक ऑनलाइन माध्यम से जुर्माने का भुगतान कर सकते हैं।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
ट्रैफिक चालान से बचने के साथ-साथ सड़क पर अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी नियमों का पालन करना जरूरी है। वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा में रहें, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनें, कार में सीट बेल्ट लगाएं और लालबत्ती का पालन करें। वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें और गलत दिशा में वाहन चलाने से बचें।



