जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में परिसीमन के बाद बदले सियासी भूगोल का असर अब प्रत्याशियों के चयन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 150 वार्डों में से 47 वार्ड ऐसे हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को उसी वार्ड से ऐसा जिताऊ चेहरा नहीं मिला, जिस पर पार्टी जीत का भरोसा जता सके। ऐसे में दोनों दलों ने दूसरे वार्डों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है। दिलचस्प बात यह है कि इन प्रत्याशियों का नाम जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां की मतदाता सूची में नहीं है। ऐसे में मतदान के दिन ये प्रत्याशी अपने ही वार्ड में खुद को वोट नहीं दे पाएंगे।
150 वार्ड होने से बदला जयपुर का सियासी गणित
हैरिटेज और ग्रेटर नगर निगम के एकीकरण के बाद जयपुर में वार्डों की संख्या 250 से घटकर 150 हो गई। वार्डों की सीमाएं बदलने और पुराने वार्डों के आपस में जुड़ने से शहर का राजनीतिक भूगोल भी बदल गया। कई नेता और कार्यकर्ता वर्षों से जिस क्षेत्र में सक्रिय थे, परिसीमन के बाद उनका वार्ड बदल गया। इसके अलावा कई वार्ड आरक्षित होने से भी पुराने राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए। यही वजह रही कि भाजपा और कांग्रेस को कई वार्डों में स्थानीय स्तर पर मजबूत प्रत्याशी तलाशने में मुश्किल हुई। जानकारी के मुताबिक, भाजपा ने 28 और कांग्रेस ने भी 28 ऐसे प्रत्याशियों को दूसरे वार्डों से चुनाव मैदान में उतारा है, जिनका मतदाता सूची में नाम उस वार्ड में नहीं है, जहां से वे चुनाव लड़ रहे हैं।
इन वार्डों में दोनों पार्टियों ने बाहर के प्रत्याशी उतारे
सबसे रोचक स्थिति वार्ड 9, 24, 42, 54, 57, 75, 76, 116 और 137 में देखने को मिल रही है। यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जिनका नाम संबंधित चुनावी वार्ड की मतदाता सूची में नहीं है।
वार्ड 9: भाजपा ने मंजू अग्रवाल और कांग्रेस ने कैलाशी देवी को प्रत्याशी बनाया है। मंजू अग्रवाल का नाम वार्ड 20 की मतदाता सूची में है, जबकि कैलाशी देवी वार्ड 15 की मतदाता हैं।
वार्ड 24: भाजपा ने आनंद सिंह खेडी और कांग्रेस ने सुरेंद्र कुमार शर्मा को मैदान में उतारा है। आनंद सिंह का नाम वार्ड 23 और सुरेंद्र कुमार शर्मा का नाम वार्ड 25 की मतदाता सूची में है।
वार्ड 57: कांग्रेस ने शंकर गुप्ता को टिकट दिया है, जिनका मतदान वार्ड 51 में होगा। वहीं भाजपा के गिर्राज प्रसाद शर्मा वार्ड 50 के मतदाता हैं।
एक ही वार्ड में प्रत्याशी, लेकिन वोट कहीं और
कुछ वार्डों में तो यह स्थिति और भी दिलचस्प है। वार्ड 42 में भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी वार्ड 46 की मतदाता सूची में हैं और वहीं मतदान करेंगे। इसी तरह वार्ड 54 के दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी वार्ड 52 में वोट डालेंगे। वार्ड 75 में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी वार्ड 65 में मतदान करेंगे, जबकि वार्ड 137 के दोनों प्रत्याशी वार्ड 136 में वोट डालेंगे। वहीं वार्ड 116 से भाजपा के प्रत्याशी का नाम वार्ड 126 की मतदाता सूची में दर्ज है।
परिसीमन ने नेताओं के सामने खड़ी की नई चुनौती
जयपुर में वार्डों की संख्या घटने के बाद बदली सीमाओं ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं बदले, बल्कि कई नेताओं के लिए चुनाव लड़ने की जगह भी बदल दी। पार्टी में पकड़, संगठनात्मक सक्रियता और जीत की संभावना को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस ने ऐसे चेहरों को दूसरे वार्डों से टिकट दिया है। अब देखना यह होगा कि बिना स्थानीय मतदाता सूची में नाम वाले ये प्रत्याशी अपने नए वार्ड में मतदाताओं का भरोसा जीतकर चुनावी मुकाबला कितना मजबूत बना पाते हैं।



