Wednesday, October 14, 2026
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जयपुर में पत्थर की खान ढही, 19 साल के हेल्पर की मौत…जान बचाने कूदा मशीन चालक, रातभर चला रेस्क्यू

जयपुर के जोबनेर में महेशवास गांव के पास पत्थर की खान ढहने से 19 वर्षीय हेल्पर सच्चेलाल यादव की मौत हो गई। रातभर चले रेस्क्यू के बाद शव बरामद हुआ। हादसे में मशीन चालक घायल हुआ।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के जोबनेर में पत्थर की खान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार शाम महेशवास गांव के पास स्थित खदान में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे एक हेल्पर मलबे में दब गया, जबकि मशीन चालक घायल हो गया। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह हेल्पर का शव बाहर निकाला जा सका। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी 19 वर्षीय सच्चेलाल यादव के रूप में हुई है। हादसे में घायल मशीन चालक दुर्गेश जायसवाल (22) को मंगलवार शाम ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उसे मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है।

महेशवास गांव के पास शाम 5 बजे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार शाम करीब 5 बजे जोबनेर थाना क्षेत्र के महेशवास गांव में बंधे के बालाजी के पास स्थित पत्थर की खान में हुआ। खदान में दो पॉकलेन मशीनों की मदद से पत्थर निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। पहाड़ी का हिस्सा गिरने से मशीनों के आसपास अफरा-तफरी मच गई। एक मशीन खिसककर दूर जा गिरी। मशीन के केबिन में मौजूद चालक दुर्गेश जायसवाल घायल हो गया, जबकि हेल्पर सच्चेलाल यादव मलबे में दब गया।

जान बचाने के लिए कूदा हेल्पर, पत्थरों के नीचे दबा

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी का हिस्सा गिरते ही हेल्पर सच्चेलाल यादव ने जान बचाने के लिए छलांग लगाई, लेकिन वह पत्थरों के मलबे में दब गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हेल्पर को बाहर निकालने के लिए सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया। जेसीबी और पॉकलेन मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे सच्चेलाल का शव बरामद किया गया।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

जोबनेर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा के अनुसार, हादसे की सूचना मिलने के बाद जोबनेर थाना पुलिस और सांभर लेक के एसडीएम ऋषिराज कपिल मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित टीमों को लगाया गया। मलबे में दबे हेल्पर की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए गए। कठिन परिस्थितियों के बीच रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बुधवार सुबह शव मिलने के बाद उसे जोबनेर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को उत्तर प्रदेश में सूचना भेज दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

30 साल की लीज पर आवंटित है खदान

जानकारी के अनुसार, खदान फुलेरा निवासी अंबेदीप सिंह के नाम पर 30 साल की लीज पर आवंटित है। यहां पिछले करीब 27 वर्षों से पत्थर निकालने का काम किया जा रहा है। फिलहाल खदान का संचालन जयपुर निवासी अजय अग्रवाल कर रहे हैं। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और खदान में सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, मृतक के परिजनों के जोबनेर पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।

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