जयपुर। जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को जयपुर के मुहाना स्थित ISKCON मंदिर परिसर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर में भट्टी जलाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें VIP पंडाल तक पहुंच गईं। मंदिर में उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हालात बिगड़ते देख मुहाना थाने में तैनात कॉन्स्टेबल कान सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग के बीच पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और जलते हुए गैस सिलेंडर को मंदिर परिसर से बाहर फेंक दिया। उनकी इस सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
जलते सिलेंडर को बाहर फेंककर बचाई श्रद्धालुओं की जान
जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर में भट्टी जलाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग तेजी से बढ़ने लगी और इसकी लपटें VIP पंडाल तक पहुंच गईं। आसपास कई अन्य गैस सिलेंडर मौजूद होने के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी। यदि आग दूसरे सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसी दौरान कॉन्स्टेबल कान सिंह ने साहस दिखाया। उन्होंने आग के बीच पहुंचकर जलते सिलेंडर को उठाकर बाहर फेंक दिया। साथ ही कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
मंदिर में मची अफरा-तफरी
आग लगने की घटना के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालते हुए लोगों को आग वाले क्षेत्र से दूर किया। कॉन्स्टेबल की त्वरित कार्रवाई के कारण आग को फैलने से रोकने में मदद मिली।
दमकल टीम ने समय रहते पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रित कर लिया। पुलिस और दमकल टीम की तत्परता से मंदिर परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाया जा सका।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मंदिर में आग
जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री का शुक्रवार शाम मुहाना स्थित इसी ISKCON मंदिर में आने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे से कुछ समय पहले मंदिर परिसर में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। VIP पंडाल तक आग की लपटें पहुंचने के कारण घटना को सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर माना जा रहा है।
कॉन्स्टेबल कान सिंह की बहादुरी की हो रही सराहना
आग लगने के दौरान कॉन्स्टेबल कान सिंह ने जिस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और जलते सिलेंडर को परिसर से बाहर किया, उसकी मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से आग के दूसरे सिलेंडरों तक पहुंचने की आशंका कम हुई और एक बड़े हादसे को टाला जा सका। जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुई इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस और दमकल की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में है।



