नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड की नर्सरी में अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में 15 नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के मुताबिक, आग लगने के समय नर्सरी में कुल 16 नवजात बच्चे मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चों को बचाने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका।
AC कंप्रेसर में धमाके के बाद लगी आग
बचाव अधिकारियों के अनुसार, नर्सरी के अंदर एयर कंडीशनर का कंप्रेसर फटने के बाद आग लगने की बात सामने आई है। आग लगते ही वार्ड में धुआं भर गया और देखते ही देखते स्थिति बेहद गंभीर हो गई। हालांकि, अस्पताल की ओर से शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट की आशंका भी जताई गई थी। इसलिए आग के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग सुबह करीब 7 बजे लगी। दमकल और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और इसके बाद प्रभावित इलाके में कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया।
एक नवजात को बचाया गया
PIMS अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय नर्सरी में 16 नवजात थे। इनमें से केवल एक बच्चे को बचाया जा सका। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर कुछ अंतर सामने आया था, लेकिन बाद की रिपोर्टों में अस्पताल अधिकारियों और बचाव सूत्रों के हवाले से मौतों की संख्या 15 बताई गई। इस दर्दनाक घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नवजात बच्चों की मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित
घटना के बाद प्रशासन ने आग लगने के कारणों और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई थी। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। उपलब्ध नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार मौतों की संख्या 15 बताई जा रही है।



