Iran US War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कुवैत के जल एवं बिजली मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के एक जल विलवणीकरण (डिसैलिनेशन) और बिजली उत्पादन संयंत्र पर हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई. कुवैती अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में यह दूसरी घटना है. शुक्रवार को भी एक अन्य बिजली एवं जल विलवणीकरण संयंत्र पर हमला हुआ था, जिससे संयंत्र को नुकसान पहुंचा और एहतियात के तौर पर उसकी कई इकाइयों को बंद करना पड़ा.
पेयजल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
कुवैत की लगभग 90 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति समुद्री जल को शुद्ध करने वाले विलवणीकरण संयंत्रों पर निर्भर है. ऐसे में इन प्रतिष्ठानों पर हमले देश के लिए गंभीर चिंता का विषय माने जा रहे हैं और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
ईरान का 2 टैंकरों में विस्फोट का दावा
वहीं इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में 2 तेल टैंकर समुद्र में बिछी माइंस से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हो गए. IRGC का आरोप है कि यह घटना अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण हुई. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठा बताया. CENTCOM ने कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए.
ईरान के कई इलाकों में अमेरिकी हमले
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इन हमलों को लेकर ईरान और अमेरिका की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं.
ईरानी सांसद की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया तो ईरानी सेना कुवैत और बहरीन में प्रवेश कर वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगी.
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