Thursday, January 1, 2026
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तनाव के बीच भारत-पाकिस्तान ने उठाया ये बड़ा कदम, परमाणु प्रतिष्ठानों और कैदियों की लिस्ट साझा की, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

भारत और पाकिस्तान ने 1992 से चली आ रही परंपरा के तहत परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह 1988 के समझौते के तहत 35वां वार्षिक आदान-प्रदान है, जो हर साल एक जनवरी को होता है। सैन्य तनाव के बावजूद दोनों देशों ने राजनयिक माध्यम से एक साथ सूचियां साझा कीं।

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 1992 से जारी सिलसिले को बरकरार रखते हुए एक द्विपक्षीय समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का बृहस्पतिवार को आदान-प्रदान किया। सूची का आदान-प्रदान ऐसे समय किया गया है जब पिछले साल मई में चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सूची का आदान-प्रदान परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोकने वाले एक समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ। इसने कहा कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच राजनयिक माध्यम से सूची का आदान-प्रदान एक साथ किया गया।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की सूचियां भी आपस में साझा कीं। भारत ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों को उनकी जेल की सजा पूरी हो जाने के मद्देनजर उनकी रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को हिरासत में लिए गए उन 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा है, जिनके भारतीय होने का विश्वास है। मंत्रालय ने कहा, भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक माध्यम से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।

समझौते पर 31 दिसंबर, 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी, 1991 को यह लागू हुआ। समझौते के तहत दोनों देशों के बीच, हर वर्ष की पहली जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में एक-दूसरे को सूचित करने का प्रावधान है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान है। इस सूची का पहला आदान-प्रदान एक जनवरी, 1992 को हुआ था। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाये जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद खराब हो गये।

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों के नाम एवं विवरण पाकिस्तान के साथ साझा किए हैं, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का विश्वास है। इसके अनुसार इसी प्रकार, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों के विवरण भारत के साथ साझा किए हैं, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का विश्वास है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान से अपील की गयी है कि वह अपनी सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाये।’’

भारत ने पाकिस्तान से विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई एवं स्वदेश वापसी होने तक उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप, 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है।’’

Mukesh Kumar
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