कोलंबो। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज भारत ने 1-0 से अपने नाम कर ली, लेकिन टीम 2-0 से क्लीन स्वीप करने से चूक गई। दूसरे टेस्ट में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर सका और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने माना कि इस मैच से टीम को कई अहम सीख मिली हैं।
भारत ने दूसरे टेस्ट में शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 503 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका की टीम 290 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को 213 रन की बढ़त मिली, जिसके बाद कप्तान गिल ने मेजबान टीम को फॉलोऑन देने का फैसला किया।
दूसरी पारी में भी भारत ने श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। एक समय श्रीलंका ने 218 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे और भारतीय टीम जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी। लेकिन इसके बाद सोनल दिनूषा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया।
दिनूषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेली। उन्होंने केशरा नुवंथा के साथ 112 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। दोनों की इस साझेदारी ने श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला। आखिरकार श्रीलंका ने 429 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर पारी घोषित कर दी और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
शुभमन गिल ने मैच के बाद श्रीलंकाई टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने माना कि भारतीय टीम को विपक्षी खिलाड़ियों से भी सीखने की जरूरत है। श्रीलंका ने जिस तरह दबाव में धैर्य बनाए रखा और लंबी साझेदारियां कीं, वह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सबक रहा।
हालांकि भारत क्लीन स्वीप से चूक गया, लेकिन सीरीज जीतने में टीम सफल रही। पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। इस जीत ने भारत को सीरीज में बढ़त दिलाई थी, जिसे टीम ने दूसरे मुकाबले के ड्रॉ होने के बावजूद बरकरार रखा।
सीरीज में देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने तीन पारियों में 328 रन बनाए और दो शतक लगाए। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
गेंदबाजी में मानव सुथार ने भी प्रभाव छोड़ा। उन्होंने पूरी सीरीज में 16 विकेट हासिल किए। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम को स्पिन विभाग में एक उपयोगी विकल्प मिला है।
शुभमन गिल के लिए बतौर कप्तान यह सीरीज अनुभव हासिल करने का भी मौका रही। दूसरे टेस्ट में जीत हाथ से निकलने के बावजूद भारतीय टीम ने सीरीज अपने नाम की। अब टीम इस अनुभव से सबक लेकर आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।



