Shreyas Iyer Statement: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ब्रिटेन की परिस्थितियों के अनुरूप जल्दी ढलने में असफल रही. उन्होंने कहा कि आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से मिली सीख भविष्य में उन्हें एक बेहतर कप्तान बनने में मदद करेगी.

टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तानी संभालने वाले अय्यर की शुरुआत निराशाजनक रही. भारत पहले आयरलैंड से 2 मैचों की टी20 सीरीज 0-2 से हारा और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद शेष चारों मैच गंवा बैठा.
‘दबाव पसंद है, इससे सीखने का मौका मिलता है’
पांचवें टी20 में 56 रन की हार के बाद अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और वह इस जिम्मेदारी का आनंद ले रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना और इन मैचों से सीखना मुझे आगे चलकर बेहतर कप्तान बनाएगा. मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा कि लोग इस सीरीज के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि जीत और हार दोनों खेल का हिस्सा हैं.’

परिस्थितियों के अनुरूप नहीं ढल पाई टीम
अय्यर ने माना कि लगातार अलग-अलग मैदानों पर खेलने के कारण टीम को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और खिलाड़ी परिस्थितियों के मुताबिक खुद को जल्दी नहीं ढाल सके. उन्होंने कहा, ‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे. सबसे बड़ी चुनौती यही रही कि हम परिस्थितियों के अनुसार खुद को उतनी तेजी से नहीं ढाल पाए, जितनी जरूरत थी. दूसरी ओर इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग-तीनों विभागों में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया.’
ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप पर नजर
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम का लक्ष्य अब अगले टी20 विश्व कप की तैयारी करना है, जो ऑस्ट्रेलिया में खेला जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसी टीम तैयार करनी है जो विदेशी परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सके. उससे पहले हमें कई देशों में खेलना है और हर दौरा सीखने का मौका होगा.’

नंबर-1 रैंकिंग गंवाने पर जताई निराशा
लगातार 6 टी20 मैच हारने के बाद भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी गंवा दिया. इस पर अय्यर ने कहा, ‘यह निश्चित रूप से निराशाजनक है. नंबर-1 होना हर टीम के लिए मायने रखता है. लेकिन विश्व कप अभी 2 साल दूर है और अभी का हर मैच उसी तैयारी का हिस्सा है. जितनी जल्दी हम सीखेंगे, टीम के लिए उतना ही बेहतर होगा.’
फील्डिंग सुधारने की जरूरत
अय्यर ने माना कि भारतीय टीम को अपने फील्डिंग में भी काफी सुधार करना होगा. उन्होंने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में मुकाबले जीतने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है.

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