Saturday, May 16, 2026
HomeLatest Newsआज की दुनिया गठबंधन की राजनीति जैसी, भारत को लचीला बने रहना...

आज की दुनिया गठबंधन की राजनीति जैसी, भारत को लचीला बने रहना चाहिए: जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज की वैश्विक राजनीति गठबंधन की राजनीति जैसी हो गई है, जहां निष्ठाएं बदलती रहती हैं और कोई स्थायी बहुमत नहीं है। पुणे साहित्य महोत्सव में उन्होंने कहा कि दुनिया बहुध्रुवीय है और ऐसे माहौल में भारत को लचीला रुख अपनाते हुए अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।

पुणे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य ”गठबंधन की राजनीति” की तरह है, जहां निष्ठाएं लगातार बदलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे परिदृश्य में लचीला रुख अपनाते हुए अपने हितों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

जयशंकर पुणे साहित्य महोत्सव में राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के निदेशक युवराज मलिक के साथ ‘कूटनीति से संवाद’ विषय पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में एक दौर गठबंधन की राजनीति का था। आज की दुनिया भी गठबंधन की राजनीति जैसी ही है। किसी के पास बहुमत नहीं है। किसी गठबंधन को बहुमत हासिल नहीं है। इसलिए लगातार गठबंधन बनते रहते हैं, सौदे होते रहते हैं, कोई ऊपर जाता है तो कोई नीचे। यह पूरी तरह से बहुध्रुवीय दुनिया है, जहां कई साझेदार हैं।’

जयशंकर ने कहा कि इस अस्थिर स्थिति से निपटने के लिए उनका मंत्र भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेना था। उन्होंने कहा, ‘हमें बहुत लचीला रुख अपनाना होगा। कभी-कभार आप किसी एक मुद्दे पर किसी के साथ होते हैं और किसी दूसरे मुद्दे पर किसी दूसरे के साथ। इन सबके बावजूद मेरा एक ही सिद्धांत है – जो मेरे देश के हित में हो। जो भी मेरे देश के हित में हो, वही मेरा फैसला होगा।’ इस साहित्य महोत्सव का आयोजन पुणे पुस्तक महोत्सव के साथ किया जा रहा है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular