यमुनानगर/हरियाणा। हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में ट्रेनिंग के दौरान हुए नाव हादसे में लापता दोनों सेना के जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। यमुना नदी में तेज बहाव के कारण दोनों जवान काफी दूर तक बह गए थे। एक जवान का शव करीब 200 किलोमीटर दूर जींद की नहर में मिला, जबकि दूसरे जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में बरामद किया गया। हादसे के बाद करीब 35 घंटे तक सेना, SDRF, पुलिस और अन्य बचाव दलों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। ताजा जानकारी के मुताबिक दोनों जवानों के शव मिलने के बाद तलाश अभियान का अहम चरण पूरा हो गया है।
ट्रेनिंग के दौरान पलटी थी सेना की नाव
हथिनीकुंड बैराज के पास सेना के स्पेशल फोर्स के जवान ट्रेनिंग अभ्यास में शामिल थे। इसी दौरान मोटर बोट में तकनीकी समस्या आने के बाद वह यमुना नदी में पलट गई और जवान पानी में गिर गए। हादसे के वक्त जवानों ने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। कुछ जवान तैरकर सुरक्षित निकलने में सफल रहे, लेकिन दो जवान तेज बहाव में बह गए थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था।
करीब 200 किलोमीटर दूर मिला एक जवान का शव
यमुना के तेज बहाव के चलते लापता जवानों की तलाश घटनास्थल के अलावा नदी के डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी की गई। इनमें हरियाणा और उत्तर प्रदेश की टीमें शामिल थीं। एक जवान का शव करीब 200 किलोमीटर दूर जींद की नहर में बरामद हुआ। नदी के तेज बहाव में बहते हुए शव के इतनी दूर तक पहुंचने से रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती और बढ़ गई थी।
उत्तर प्रदेश में मिला दूसरे जवान का शव
दूसरे लापता जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में बरामद किया गया। खोज अभियान के दौरान टीमों ने यमुना और उससे जुड़े जल क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। इससे पहले तलाशी के दौरान लाइफ जैकेट और डाइविंग किट भी बरामद हुई थी।
35 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
दो जवानों के लापता होने के बाद सेना ने व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश की SDRF टीमों के साथ स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियां भी तलाश में जुटी थीं। नदी के तेज बहाव को देखते हुए जवानों की तलाश के लिए घटनास्थल से काफी दूर तक नदी और नहरों में सर्च किया गया। जरूरत के अनुसार हवाई निगरानी की भी मदद ली गई।
स्पेशल फोर्स के जवान थे दोनों
रिपोर्टों के अनुसार हादसे में लापता हुए जवान 1 पैरा बटालियन (स्पेशल फोर्सेज) से जुड़े थे। यह यूनिट हिमाचल प्रदेश के नाहन में आधारित बताई गई है। ट्रेनिंग अभ्यास के लिए जवान हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने से यह हादसा हुआ।
तेज बहाव बना सबसे बड़ी चुनौती
यमुना में पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीमों के लिए लापता जवानों का पता लगाना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। हादसे के बाद नदी के बहाव की दिशा में कई किलोमीटर तक सर्च किया गया। अब दोनों जवानों के शव मिलने के बाद पुलिस और सेना की ओर से हादसे की परिस्थितियों और नाव में आई तकनीकी खराबी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा सकती है।
पहले भी सामने आया था कि दो जवान लापता हैं
हादसे के शुरुआती चरण में नाव में सवार जवानों में से कुछ ने तैरकर अपनी जान बचाई थी, जबकि दो जवान तेज बहाव में बह गए थे। इसके बाद दोनों राज्यों की रेस्क्यू एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया था। दोनों जवानों के शव मिलने के बाद अब हादसे की जांच और आगे की औपचारिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।



