Saturday, October 17, 2026
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Gold Price: सोने के आसमान छूते दाम से बदला गहनों का ट्रेंड, अब तोले नहीं बजट देखकर खरीद रहे ग्राहक

सोने की बढ़ती कीमतों से गहनों की खरीदारी का ट्रेंड बदल गया है। जयपुर और अहमदाबाद में पुराने सोने का एक्सचेंज बढ़ा, जबकि हल्के गहनों की मांग और दीपावली की बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।

जयपुर। सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के लिए गहने खरीदना महंगा कर दिया है। कभी शादी-ब्याह और त्योहारों पर सोने के भारी गहनों की खरीदारी को प्राथमिकता देने वाले ग्राहक अब अपने बजट के हिसाब से गहने पसंद कर रहे हैं। बदलती कीमतों के बीच ज्वेलरी खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। अब ग्राहक कितने तोले सोना खरीदना है, यह तय करने के बजाय पहले अपना बजट निर्धारित कर रहे हैं और उसी के अनुसार गहने बनवा रहे हैं। महंगे सोने के कारण ग्राहकों की पसंद में आए इस बदलाव का असर ज्वेलरी बाजार में भी दिखाई दे रहा है। भारी हार और पूरे ज्वेलरी सेट की जगह हल्की चेन, ब्रेसलेट और पेंडेंट जैसे गहनों की मांग बढ़ रही है। वहीं, पुराने सोने को बदलकर नए डिजाइन के गहने खरीदने का चलन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इससे साफ है कि सोने की कीमतों में तेजी ने सिर्फ खरीदारी की मात्रा ही नहीं, बल्कि ग्राहकों की पसंद और खर्च करने के तरीके को भी प्रभावित किया है।

सोने की कीमतों ने बदला खरीदारी का तरीका

सोने के ऊंचे भाव के कारण ग्राहकों के लिए अपनी पसंद के भारी गहने खरीदना पहले के मुकाबले मुश्किल हो गया है। ऐसे में ज्वेलर्स और ग्राहक दोनों वजन के बजाय कीमत को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं। ग्राहक पहले यह तय कर रहे हैं कि उन्हें गहनों पर कितनी रकम खर्च करनी है। इसके बाद उसी राशि में उपलब्ध डिजाइन और वजन के विकल्प चुने जा रहे हैं। शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजनों में भी यह बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां भारी हार और पूरे सेट खरीदने पर जोर रहता था, वहीं अब कम वजन में आकर्षक डिजाइन वाले गहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्राहक अपने बजट के भीतर रहकर गहने खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।

जयपुर और अहमदाबाद में पुराने सोने के बदले नए गहनों की मांग

महंगे सोने के बीच पुराने गहनों को बदलकर नए डिजाइन की ज्वेलरी खरीदने का विकल्प ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जयपुर और अहमदाबाद में करीब 70 प्रतिशत ग्राहक पुराने सोने को एक्सचेंज करके नए गहने खरीद रहे हैं। इस तरीके से ग्राहकों को पुराने गहनों का मूल्य नए गहनों की खरीद में इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। खासकर शादी और त्योहारों के लिए नई डिजाइन की ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहक इस विकल्प को अपना रहे हैं। हालांकि, एक्सचेंज में मिलने वाला वास्तविक मूल्य सोने की शुद्धता, वजन, लागू कटौती और ज्वेलर की शर्तों पर निर्भर करता है।

25 से 40 ग्राम के हार की जगह अब 10 से 12 ग्राम की ज्वेलरी

सोने की बढ़ती कीमतों के बीच गहनों के वजन में भी बदलाव आ रहा है। कोलकाता में पहले 25 से 40 ग्राम तक के हार बनवाने वाले ग्राहकों के बीच अब 10 से 12 ग्राम के हल्के हार बनवाने का चलन सामने आया है। हल्के गहनों में भी आकर्षक डिजाइन और आधुनिक स्टाइल की मांग बढ़ रही है। ग्राहक ऐसे आभूषण पसंद कर रहे हैं, जिन्हें शादी-ब्याह के अलावा दूसरे आयोजनों और रोजमर्रा के मौकों पर भी पहना जा सके। इस बदलाव के चलते ज्वेलरी डिजाइन में भी कम वजन वाले विकल्पों की अहमियत बढ़ रही है।

80 प्रतिशत से ज्यादा ग्राहक हल्के गहनों को दे रहे प्राथमिकता

उपलब्ध बाजार जानकारी के मुताबिक, 80 प्रतिशत से अधिक ग्राहक हल्के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारी हार और पूरे ज्वेलरी सेट की जगह चेन, ब्रेसलेट और पेंडेंट जैसे आभूषणों की मांग बढ़ने की बात सामने आई है। इस ट्रेंड के पीछे सोने की ऊंची कीमतों के साथ-साथ डिजाइन और उपयोगिता भी अहम कारण हैं। हल्के गहने अपेक्षाकृत कम बजट में खरीदे जा सकते हैं और इन्हें अलग-अलग अवसरों पर पहनना भी आसान होता है। ऐसे में ग्राहकों के लिए कम वजन में बेहतर डिजाइन चुनना एक व्यावहारिक विकल्प बनता जा रहा है।

वजन घटा, फिर भी गहनों पर खर्च में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी

सोने की खरीदारी में एक दिलचस्प बदलाव यह है कि ग्राहक कम वजन के गहने खरीद रहे हैं, लेकिन खर्च में बढ़ोतरी दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गहनों का वजन घटने के बावजूद खरीदारी पर खर्च करीब 34 प्रतिशत बढ़ा है। इसका एक संभावित कारण सोने की बढ़ी हुई कीमतें हैं। जब प्रति ग्राम सोना महंगा हो जाता है, तो कम वजन के गहने खरीदने पर भी ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। हालांकि, खर्च में बताई गई बढ़ोतरी की अवधि और आंकड़ों का स्रोत स्पष्ट होना जरूरी है, इसलिए इसे बाजार के व्यापक रुझान के रूप में समझना चाहिए।

जयपुर में सोने और चांदी के भाव ने बढ़ाई चिंता

जयपुर के सर्राफा बाजार के लिए भी सोने की ऊंची कीमतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जयपुर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2,17,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। इन ऊंचे भावों के कारण त्योहारों और शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अपने बजट में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सोने के गहने खरीदने से पहले कीमत, वजन और डिजाइन के बीच संतुलन बनाना जरूरी होता जा रहा है।

दीपावली पर सोने की बिक्री पर पड़ सकता है असर

दीपावली के दौरान सोने और चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। ऐसे में त्योहार के सीजन में ज्वेलरी बाजार को ग्राहकों से अच्छी मांग की उम्मीद रहती है। लेकिन सोने के ऊंचे भाव खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। महंगे सोने के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी टाल सकते हैं, जबकि दूसरे ग्राहक कम वजन के गहने या पुराने सोने के एक्सचेंज का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसे में इस बार दीपावली पर सोने की बिक्री उम्मीद के मुताबिक रहने को लेकर आशंका जताई जा रही है। वास्तविक बिक्री पर ग्राहकों की मांग, कीमतों में उतार-चढ़ाव और बाजार की परिस्थितियों का असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, सोने की बढ़ती कीमतों ने ज्वेलरी बाजार में खरीदारी का तरीका बदल दिया है। अब ग्राहकों के लिए सिर्फ गहनों का डिजाइन और वजन ही नहीं, बल्कि बजट भी सबसे अहम हो गया है। भारी गहनों की जगह हल्के आभूषण, पुराने सोने का एक्सचेंज और बजट के मुताबिक खरीदारी का बढ़ता चलन आने वाले त्योहारों के बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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