कोलकाता। आरजी कर अस्पताल की महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को शुक्रवार को अदालत ले जाते समय भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में खरदह थाने के बाहर पुलिस सुरक्षा के बीच लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। भीड़ ने घोष पर जूते-चप्पल, अंडे और कीचड़ भी फेंके।
निर्मल घोष को पुलिस ने एक दिन पहले ओडिशा से गिरफ्तार किया था। उन पर आरजी कर अस्पताल की पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराए जाने के मामले में कथित भूमिका का आरोप है। शुक्रवार को पुलिस उन्हें बैरकपुर उपमंडलीय अदालत में पेश करने के लिए खरदह थाने से बाहर लेकर आई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और घोष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल के जवानों ने घोष को भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया। स्थिति बिगड़ने पर उनके सिर को हेलमेट से ढक दिया गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने उन पर अंडे और कीचड़ फेंके। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित वाहन तक पहुंचाया।
अदालत परिसर में भी घोष के खिलाफ लोगों का आक्रोश दिखाई दिया। वहां मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस उन्हें अदालत के हवालात तक लेकर गई।
दूसरे आरोपी संजीव मुखर्जी पर भी हमला
इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी संजीव मुखर्जी को भी अदालत ले जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा। मुखर्जी पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व पार्षद बताए जा रहे हैं और निर्मल घोष के करीबी माने जाते हैं। पुलिस जब उन्हें अदालत ले जाने के लिए वाहन तक पहुंचा रही थी, तभी भीड़ ने उन्हें भी घेर लिया और विरोध किया।
मामले का तीसरा आरोपी पानीहाटी नगरपालिका का पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ डे अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
निर्मल घोष और संजीव मुखर्जी की गिरफ्तारी पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया और इस प्रक्रिया में आरोपियों की भूमिका रही।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि अंतिम संस्कार इतनी जल्दी क्यों कराया गया और इसमें गिरफ्तार आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद तय होगी।



