श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कश्मीर के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने पड़ोसी देश का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।
‘अपने पैरों पर खड़े नहीं हुए तो पहचान मिट जाएगी’
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े-बड़े दावे करती है और बातचीत की बात करती है, लेकिन लोगों को अपने अधिकारों और पहचान की रक्षा के लिए खुद मजबूत होना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हुए, तो उन्हें सम्मान नहीं मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपने रब को याद करने और उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील भी की।
राजनीतिक दलों और युवाओं को लेकर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने युवाओं के मोबाइल इस्तेमाल और अभिभावकों की भूमिका पर चिंता जताई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसों के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता कर लेते हैं।
बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना
फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह लोगों की बस्तियां उजाड़ी जा रही हैं, घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और दुकानों को तोड़ा जा रहा है। उनके इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में केंद्र सरकार, कश्मीर के मुद्दे और लोगों की पहचान को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।



