जयपुर। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए NSUI के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और NSUI के नेताओं ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, जबकि संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस रितु बराला को हिरासत में लेकर बस से ले जा रही थी। इसी दौरान बस में रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। घटना के सामने आए वीडियो में दोनों के बीच हाथापाई और एक-दूसरे के बाल खींचने की घटना दिखाई देने का दावा किया गया है।
बस में कैसे शुरू हुआ विवाद?
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ले जाने के दौरान बस में रितु बराला और महिला पुलिसकर्मी के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि दोनों ने एक-दूसरे के बाल खींचे और मारपीट की। घटना के समय बस में अन्य प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया। हालांकि, विवाद की शुरुआत किसने की और पूरी घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ कठोर व्यवहार किया गया। जाखड़ ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार को गंभीर बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने भी जताया विरोध
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए रितु बराला के समर्थन में पोस्ट साझा कीं। कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने रितु बराला के संघर्ष और साहस की सराहना करते हुए उनके समर्थन में संदेश लिखा। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान और हिरासत में लिए जाने के समय छात्र कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। वहीं, वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है।
NSUI ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
NSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि राजीव चौक पर प्रदर्शन के दौरान उसके कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। संगठन ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुए व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर किया गया था। प्रदर्शन के बाद हुई इस घटना ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है।
राजस्थान के झुंझुनूं से ताल्लुक रखती हैं रितु बराला
रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले की रहने वाली हैं। वह राजस्थान यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में सक्रिय रही हैं और वर्तमान में NSUI की राष्ट्रीय सचिव हैं। दिल्ली में हुई इस घटना के बाद राजस्थान के कांग्रेस नेताओं और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया भी चर्चा में है।
जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल घटना के वीडियो और राजनीतिक नेताओं के आरोपों के आधार पर मामला चर्चा में है। विवाद की शुरुआत, मारपीट की पूरी परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। दिल्ली पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष और घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।



