नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए लगातार हंगामा कर रहा है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बार-बार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर सदन की कार्यवाही प्रभावित कर रहा है। पार्टी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे तथ्यों के बजाय राजनीतिक बयानबाजी के जरिए माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
भाजपा का कहना है कि इस तरह की राजनीति से संसद की गरिमा प्रभावित होती है और जनता के हितों से जुड़े कई अहम कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। भाजपा ने यह भी कहा कि लगातार हो रहे व्यवधान के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों और सरकारी कार्यों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। पार्टी का दावा है कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने और सार्थक बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सहयोग करने के बजाय टकराव की राजनीति अपना रहा है।
वहीं विपक्ष ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाना चाहता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देने से बच रही है और इसी वजह से उन्हें विरोध दर्ज कराना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार से जवाब मांगना विपक्ष की जिम्मेदारी है। सदन में कई बार दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी देखने को मिली, जिसके चलते कार्यवाही भी बाधित हुई।
सदन की पीठासीन अधिकारियों ने कई बार सभी सदस्यों से शांति बनाए रखने और चर्चा के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र के शेष दिनों में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बना रह सकता है। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी चर्चा के लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति और संवाद की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।



