CJP Protest: शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लोगों से किसी नेता या नायक का इंतजार करने के बजाय खुद अपने जीवन का नायक बनने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वह न तो आधुनिक गांधी हैं और न ही कोई नायक, बल्कि एक सामान्य नागरिक हैं जो अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश कर रहे हैं. जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) का कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन शनिवार को 22वें दिन भी जारी रहा. वहीं, वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का यह 14वां दिन था.
14 दिन की भूख हड़ताल, साढ़े सात किलो वजन कम
कॉजपा की ओर से साझा की गई स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का करीब 7.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है. उनका रक्तचाप 106/74 mmHg दर्ज किया गया है. वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि पहले की तुलना में उनकी ऊर्जा कम हुई है, लेकिन आंदोलन को लेकर उनका संकल्प अडिग है. उन्होंने कहा, “आज मेरी भूख हड़ताल का 13वां दिन है. मुझे थोड़ी थकान महसूस हो रही है. कुछ दिन बेहतर महसूस होता है और कुछ दिन नहीं, लेकिन मैं अपने संकल्प पर कायम हूं.’
“मुझे गांधी या नायक मत कहिए”
वांगचुक ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें 21वीं सदी का गांधी या आधुनिक गांधी कह रहे हैं, जिससे वह असहज महसूस करते हैं. उन्होंने कहा, “मैं न गांधी हूं और न कोई नायक. मैं सिर्फ एक सामान्य नागरिक हूं जिसने अपनी जिम्मेदारियां निभाने की कोशिश की है. कृपया किसी और में नायक मत तलाशिए, अपने जीवन के नायक स्वयं बनिए, एक नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाइए”
DAY 13 UPDATE
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 10, 2026
I’m no Gandhi, nor hero…
It pains me when some say in comments… you’re modern Gandhi… You’re the real Hero.
I’m just a citizen fulfilling the responsibilities of citizenship. So can you. Please stop looking for heroes in others. Be the hero of your own life… pic.twitter.com/0Ta30ieZs7
आंदोलन से जुड़ने की अपील
वांगचुक ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं से जुड़े छात्रों की आत्महत्या के मामलों का उल्लेख करते हुए लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर लोग रोज जंतर-मंतर नहीं आ सकते, तो कम से कम एक दिन आंदोलन में शामिल हों. यदि दिल्ली आना संभव नहीं है तो अपने शहर में प्रतीकात्मक उपवास रखकर समर्थन जताएं.
20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान
वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील दोहराई. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को उनकी तरह 24 दिनों तक भूखा रहने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, “भोजन करके आइए, लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में 20 जुलाई को हमारे साथ संसद तक मार्च में जरूर शामिल हों.”
कॉजपा की प्रमुख मांगें
कॉजपा ने केंद्र सरकार से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कथित परीक्षा अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम. गौरतलब है कि कॉजपा का यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.
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