Swiggy Instamart Notice: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने त्वरित डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट को खराब, एक्सपायर्ड और असुरक्षित खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के बाद 9 नोटिस जारी किए हैं. नियामक ने कहा कि यदि तय समय में संतोषजनक जवाब और अनुपालन रिपोर्ट नहीं दी गई तो कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
FSSAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिली शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए एक्सपायर्ड, खराब, दूषित और अन्य असुरक्षित खाद्य उत्पादों की डिलीवरी की गई.
बेबी फूड से लेकर अंडे और दूध तक पर शिकायतें
एफएसएसएआई के अनुसार, एक मामले में शिशु खाद्य उत्पाद अत्यधिक खराब और असुरक्षित स्थिति में मिला. जांच में उत्पाद के दूषित होने और अनुचित भंडारण के संकेत मिले. हैरानी की बात यह रही कि उत्पाद लौटाने के बाद भी कथित तौर पर वही सामान दोबारा ग्राहक को भेज दिया गया. इसके अलावा खराब अंडे, खराब दूध और क्षतिग्रस्त पैकिंग वाले डिब्बाबंद खाद्य उत्पादों की आपूर्ति की भी शिकायतें दर्ज की गई हैं.
FSSAI has issued 9 notices to Swiggy Instamart following multiple consumer complaints alleging violations under the FSS Act 2006.
— FSSAI (@fssaiindia) July 11, 2026
The FBO has been directed to submit a detailed explanation & compliance report failing which appropriate legal action will be initiated #FSSAINotice pic.twitter.com/wxejz38L7T
लाइसेंस और पंजीकरण में भी मिली गड़बड़ी
जांच के दौरान FSSAI ने पाया कि कुछ मामलों में एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर गलत, अमान्य या उपलब्ध ही नहीं थे. वहीं कुछ खाद्य कारोबारियों को उनके आधिकारिक पंजीकरण से अलग नामों के तहत प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किया गया था. नियामक के मुताबिक, कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला. कुछ मामलों में केवल रिफंड की पेशकश की गई, लेकिन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया.
FSSAI ने मांगा विस्तृत जवाब
एफएसएसएआई ने स्विगी इंस्टामार्ट से विक्रेताओं के ऑनबोर्डिंग, खाद्य गुणवत्ता की निगरानी, अनुपालन सत्यापन, उपभोक्ता शिकायत निवारण और खाद्य सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है. नियामक ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनी संतोषजनक स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करती है तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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