बालोतरा। राजस्थान में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बालोतरा जिले में कथित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सिवाना थाना क्षेत्र के मिठौड़ा गांव में की गई इस कार्रवाई में डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, मौके से 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ और उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 3,41,700 रुपये नकद और एक कार भी जब्त की गई है। एएनटीएफ की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर घर में एमडी तैयार कर उसे आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशे के कारोबार के संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
मिठौड़ा गांव में घर के पास चल रही थी कथित एमडी फैक्ट्री
एएनटीएफ के उप महानिरीक्षक पुलिस अभिजीत सिंह के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि मिठौड़ा गांव निवासी सुरेश कुमार विश्नोई ने अपने घर के पास एमडी ड्रग्स बनाने का अवैध ठिकाना बना रखा है। सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर मौके पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, जब टीम सुरेश कुमार के घर पहुंची तो मकान के बाहर बने छपरे में तीन व्यक्ति बैठे मिले। पूछताछ में उनकी पहचान सुरेश कुमार, डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई के रूप में हुई। इसके बाद मकान और आसपास के परिसर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कथित कच्ची एमडी, रासायनिक पदार्थ और ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले। पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है।
3.764 किलो कच्ची एमडी और 3.41 लाख रुपये नकद जब्त
इस कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में कथित मादक पदार्थ और अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जब्ती में शामिल हैं:
- कच्ची एमडी: 3.764 किलोग्राम
- नकद राशि: 3,41,700 रुपये
- अन्य बरामदगी: रासायनिक पदार्थ और उपकरण
- वाहन: एक कार
- गिरफ्तार आरोपी: तीन
पुलिस के अनुसार, नकदी का संबंध कथित तौर पर एमडी की खरीद-फरोख्त से होने की आशंका है। बरामदगी के आधार पर जांच की जा रही है कि मादक पदार्थ की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पूछताछ में सामने आया कथित सप्लाई नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी सुरेश कुमार ने कथित तौर पर बताया कि तैयार की गई एमडी को डॉ. मुकेश विश्नोई, उत्कर्ष विश्नोई और अन्य संपर्कों के माध्यम से सप्लाई किया जाता था। जांच एजेंसियां इस जानकारी के आधार पर कथित खरीददारों, सप्लायरों और दूसरे संभावित संपर्कों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, डॉ. मुकेश विश्नोई की कार से 3,41,700 रुपये की राशि बरामद की गई। पुलिस का संदेह है कि यह रकम मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, नकदी के वास्तविक स्रोत और कथित कारोबार में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
सरकारी नौकरी में सफलता नहीं मिली तो कथित नशे के कारोबार से जुड़ा
पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी सुरेश कुमार ने कई सरकारी भर्तियों में प्रयास किया था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2022 में वह अपने एक दोस्त के साथ बेंगलुरु गया, जहां उसने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर दवा सप्लाई का काम शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, इस काम से सीमित आय होने के कारण वह करीब दो साल बाद अपने गांव लौट आया। इसके बाद वह कथित तौर पर स्थानीय तस्करों के संपर्क में आया और एमडी की खरीद-फरोख्त तथा सप्लाई से जुड़ गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, शुरुआत में आरोपी आसपास के क्षेत्रों में कथित रूप से एमडी की सप्लाई करता था। बाद में अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से उसने खुद मादक पदार्थ तैयार करने का रास्ता अपनाया। ये विवरण पुलिस की ओर से दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं।
YouTube वीडियो देखकर एमडी बनाने का तरीका सीखने का दावा
एएनटीएफ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी सुरेश कुमार ने सोशल मीडिया और यूट्यूब वीडियो के माध्यम से एमडी तैयार करने का तरीका सीखने की बात कथित तौर पर स्वीकार की। इसके बाद उसने अपने घर के पास के परिसर को मादक पदार्थ बनाने के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वहां रासायनिक पदार्थों और उपकरणों की मदद से कथित तौर पर एमडी तैयार की जाती थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रसायन और उपकरण कहां से लाए गए थे तथा इस गतिविधि में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
डॉक्टर और उसके साथी की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई कथित तौर पर एमडी खरीदने के लिए कार से मिठौड़ा स्थित सुरेश कुमार के घर पहुंचे थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के बीच मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त किस तरह होती थी और कथित सप्लाई किन क्षेत्रों तक फैली हुई थी। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी में जालोर और सिवाना के आसपास के क्षेत्रों में कथित सप्लाई का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियां इन संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पुष्टि करने में जुटी हैं। किसी भी आरोपी की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
एएनटीएफ और सिवाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में एएनटीएफ की टीमों और बालोतरा जिले के सिवाना पुलिस थाने की विशेष भूमिका रही। एएनटीएफ उप महानिरीक्षक अभिजीत सिंह ने बताया कि कार्रवाई में शामिल टीमों को विशेष कार्यक्रम के दौरान एएनटीएफ मुख्यालय में सम्मानित किया जाएगा। इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों के कथित अवैध निर्माण और सप्लाई पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि बरामद मादक पदार्थ की सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी और नेटवर्क का वास्तविक विस्तार कितना था।
नशे के नेटवर्क को लेकर आगे की जांच जारी
बालोतरा जिले के मिठौड़ा गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस कथित एमडी फैक्ट्री, बरामद रसायनों, नकदी और जब्त वाहन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। एएनटीएफ की कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और वितरण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को चर्चा में ला दिया है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों से पता चलेगा कि इस मामले में कथित सप्लाई नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका सामने आती है।



