Saturday, May 16, 2026
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Axiom-4 Mission: शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष उड़ान फिर टली, इस तारीख को होगी रवानगी, पढ़ें पूरी खबर

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा एक बार फिर टल गई है। अब यह मिशन 22 जून को लॉन्च होगा। पहले यह उड़ान 19 जून को तय थी।

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत 4 अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) ले जाने वाले मिशन एक्सिओम-4 को 22 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. एक्सिओम स्पेस ने बुधवार को यह घोषणा की. भारत, हंगरी और पोलैंड के यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने वाला यह मिशन पहले 19 जून को निर्धारित था. मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से ISS भेजा जाना है.

एक्सिओम स्पेस की तरफ से बयान में कही गई ये बात

एक्सिओम स्पेस ने एक बयान में कहा, ‘नासा, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स अब एक्सिओम मिशन 4 को 22 जून को आईएसएस में भेजने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं. प्रक्षेपण तिथि में परिवर्तन से नासा को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के ज्वेज्दा सर्विस मॉड्यूल के सबसे पिछले हिस्से में हाल ही में किए गए मरम्मत कार्य के बाद अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन का मूल्यांकन जारी रखने का समय मिल गया है.’

एक्सिओम-4 वाणिज्यिक मिशन का नेतृत्व कमांडर पैगी व्हिटसन कर रही हैं, जिसमें शुक्ला मिशन पायलट हैं और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कापू तथा पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ हैं.

अब तक कितनी बार टला मिशन

इस मिशन को मूलतः 29 मई को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन फाल्कन-9 रॉकेट के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन के रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव होने का पता चलने के बाद पहले इसे 8 जून, फिर 10 जून और फिर 11 जून के लिए टाल दिया गया.

एक्सिओम स्पेस ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, ‘चालक दल सभी चिकित्सा और सुरक्षा प्रोटोकॉल को बनाए रखने के लिए फ्लोरिडा में है. चालक दल का स्वास्थ्य अच्छा है और मनोबल भी काफी ऊंचा है.’

शुभांश शुक्ला अंतरिक्ष में करेंगे 7 प्रयोग

शुभांश शुक्ला अंतरिक्ष में 7 प्रयोग करेंगे, जिनका उद्देश्य भारत में माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ISS पर प्रयोग करने के लिए भारत-केंद्रित भोजन पर ध्यान केंद्रित करने की योजना तैयार की है, जिसमें माइक्रोग्रैविटी स्थितियों में हरा चना या मेथी और मूंग को अंकुरित करना शामिल है.

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Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
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