भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े लोगों के शामिल होने की बात कही गई। कार्यक्रम के दौरान शाह ने गौशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता और उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
शाह बोले- 2029 तक एमपी को नशामुक्त करने की योजना
अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ विस्तृत योजना पर काम किया जाएगा।शाह ने प्रदेश के अभिभावकों और खासकर माताओं से युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नशे की जगह नहीं होनी चाहिए।एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 2015 से 2024 के बीच NDPS एक्ट के तहत 28,178 मामले दर्ज हुए। 2015 में 591 मामलों के मुकाबले 2024 में यह संख्या बढ़कर 4,351 हो गई थी।
दूध उत्पादन और सहकारिता पर भी बोले शाह
शाह ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। उन्होंने केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान दूध उत्पादन और प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता में बढ़ोतरी का दावा किया।
उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष पांच दूध उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं। शाह ने इन राज्यों में बीजेपी की सरकार होने का भी उल्लेख किया और इसे सरकारों के काम से जोड़ा।
‘75 साल तक सहकारिता मंत्रालय नहीं बनने दिया’
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाने की मांग होती रही, लेकिन यह मंत्रालय नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया।शाह ने डेयरी कारोबार में सहकारी व्यवस्था के फायदे बताते हुए कहा कि किसानों और पशुपालकों को दूध की बेहतर कीमत दिलाने के लिए दूध की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग का ढांचा मजबूत करना जरूरी है।
उज्जैन में 255 करोड़ का डेयरी प्लांट
कार्यक्रम के दौरान उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन किया गया। इसकी क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की होगी। भोपाल में 16.5 करोड़ रुपए की लागत से बने 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपए की लागत वाली राज्य स्तरीय केंद्रीय डेयरी लैब का भी उद्घाटन किया गया।इसके अलावा शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल उद्घाटन किया गया। डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपए का लाभांश वितरित किया गया और गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया।
नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
शाह ने पशुओं की नस्ल सुधार के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मादा बछड़ों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात भी कही।कार्यक्रम में शाह के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत प्रदेश के कई नेता और अधिकारी मौजूद रहे।



