अलवर। नगर निगम अलवर के मेयर चुनाव के बीच बीजेपी में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी की पूर्व पार्षद सुमन चौधरी के नाम से की गई एक पोस्ट में पार्टी के दो पूर्व जिलाध्यक्ष पं. धर्मवीर शर्मा और संजय नरूका के साथ जिला प्रवक्ता दीपक पंडित पर वार्ड 23 और 28 में पार्टी प्रत्याशियों को हराने के लिए मेहनत करने का आरोप लगाया गया।
पोस्ट में दावा किया गया कि नेताओं को चौधरी परिवार के एक निजी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था, जिसके चलते उन्होंने दोनों वार्डों में विरोध किया। पोस्ट में इन नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई थीं।
हालांकि, पोस्ट सामने आने के करीब 15 मिनट बाद ही इसे सोशल मीडिया से हटा दिया गया। इस दौरान कई लोगों ने इसका स्क्रीनशॉट ले लिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
सुमन चौधरी ने पोस्ट से किया किनारा
विवाद बढ़ने के बाद सुमन चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने खुद यह पोस्ट नहीं की थी। उनके मुताबिक चुनाव के दौरान सोशल मीडिया अकाउंट संभालने के लिए एक युवक को जिम्मेदारी दी गई थी और उसी से गलती से यह पोस्ट हो गई, जिसे जानकारी मिलते ही तुरंत हटा दिया गया।
गौरतलब है कि 2019 में अलवर नगर परिषद सभापति चुनाव के दौरान भी सुमन और उनके पति सीताराम चौधरी की बातचीत का कथित ऑडियो चर्चा में आया था। अब मेयर चुनाव के बीच सोशल मीडिया पोस्ट ने एक बार फिर अलवर बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है।



