चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना रद्द करने के बाद चेन्नई के लिए नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की योजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि बढ़ते यात्री यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और कार्गो जरूरतों को देखते हुए चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है। अब सरकार ऐसी वैकल्पिक जगह तलाश रही है, जहां किसानों और स्थानीय आबादी पर कम असर पड़े।
नई जगह की तलाश
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में बताया कि परंदूर की जगह किसी अन्य स्थान पर एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए संभावित जगहों का तकनीकी और व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा। सरकार ऐसी जगह चुनना चाहती है, जहां बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण और विस्थापन की जरूरत न पड़े।
क्यों रद्द हुआ परंदूर प्रोजेक्ट?
परंदूर में एयरपोर्ट बनाने की योजना 2022 में सामने आई थी। प्रस्तावित जगह चेन्नई से करीब 68.5 किलोमीटर दूर कांचीपुरम जिले में थी। किसान और ग्रामीण लंबे समय से परियोजना का विरोध कर रहे थे। उनकी मुख्य चिंताएं कृषि भूमि, जल निकायों और विस्थापन को लेकर थीं।
विरोध को देखते हुए विजय सरकार ने 24 अगस्त को परियोजना रद्द करने का फैसला किया। सरकार का कहना है कि विकास के साथ किसानों की आजीविका और पर्यावरण का भी ध्यान रखना जरूरी है।
मौजूदा एयरपोर्ट का होगा विस्तार
नया एयरपोर्ट बनने तक मीनांबक्कम एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की योजना है। मौजूदा एयरपोर्ट की क्षमता करीब 3 करोड़ यात्रियों की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर लगभग 5.5 करोड़ यात्री सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है।
चेन्नई देश के प्रमुख औद्योगिक और ऑटोमोबाइल केंद्रों में शामिल है। ऐसे में बढ़ते यात्री और कार्गो यातायात को देखते हुए दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि विजय सरकार नए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए किस स्थान को चुनती है।



