Ashok Kharat Case Nashik : नासिक। महाराष्ट्र के नासिक से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्वयंभू बाबा अशोक खरात (Ashok Kharat) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को नासिक की एक अदालत ने उन्हें यौन शोषण के छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उन पर कई महिलाओं के साथ यौन शोषण करने के साथ-साथ दैवीय शक्तियों और काला जादू का डर दिखाकर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप हैं। पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी खरात पर आरोप है कि उसने एक युवती का यौन शोषण किया, जो अपनी निजी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास पहुंची थी। यह मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

SIT ने अशोक खरात को हिरासत में ले लिया
पुलिस ने बताया कि खरात ने युवती को धमकी दी थी कि वह अपनी “दैवीय शक्तियों” का इस्तेमाल कर उसके परिवार को बर्बाद कर देगा। स्वयंभू बाबा ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिये थे। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को अदालत में छठे मामले में उसकी हिरासत की अर्जी दायर की थी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने खरात को अपनी हिरासत में ले लिया और शुक्रवार को छठे मामले में अदालत में पेश किया।
सुरक्षा कारणों से अदालत की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई, जिसमें पुलिस ने चार दिन की हिरासत का अनुरोध किया। अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए अदालत में कहा कि आरोपी ने पीड़िता को पानी में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने उससे कुछ धार्मिक अनुष्ठान भी करवाए। अभियोजन ने यह भी कहा कि पुलिस को मामले के वित्तीय पहलू की भी जांच करनी है।
खरात के वकील सचिन भाटे ने दलील दी कि पुलिस उसके खिलाफ दर्ज छह मामलों में एक जैसी परिस्थितियों की जांच कर रही है और हर मामले में हिरासत मांगने के लिए वही दलीलें दी जा रही हैं। हालांकि, एसआईटी अधिकारी रवींद्र मांजरे ने कहा कि हर मामले में पीड़िता और घटनाक्रम की अवधि अलग-अलग है तथा विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी.एन. इचपुरानी ने खरात को छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।



