कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बुधवार तड़के एक होटल में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली। मृतकों में पांच बांग्लादेशी नागरिक और झारखंड का एक निवासी शामिल है। मृतकों में एक तीन वर्षीय बच्चा भी बताया गया है। हादसा मध्य कोलकाता की मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला पुरानी इमारत में हुआ, जहां कई छोटे होटल संचालित हो रहे थे।
जानकारी के अनुसार, आग बुधवार तड़के करीब 2 बजे इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित एक होटल में लगी। देखते ही देखते धुआं पूरे भवन में फैल गया। दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 80 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि छह घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दमकलकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इमारत में फैला घना धुआं रहा। संकरी सीढ़ियों के कारण ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने में परेशानी हुई। कई कमरों में खिड़कियां नहीं होने की बात भी सामने आई है, जिससे धुएं के बीच लोगों के बाहर निकलने की मुश्किल बढ़ गई। आग बुझाने के लिए दमकल की पांच गाड़ियां लगाई गईं।
मृतकों में पांच बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में से चार एक ही परिवार के सदस्य थे। इनमें 37 वर्षीय देबाशीष दत्ता, उनकी 25 वर्षीय पत्नी अफसाना शिमिन, उनका दो वर्षीय बेटा स्वर्णाशीष दत्ता और 64 वर्षीय ससुर अकरम अली शामिल हैं। पांचवें मृतक की पहचान 37 वर्षीय अहमद बाबू के रूप में हुई है।
बताया गया है कि मिर्जा गालिब स्ट्रीट और आसपास के इलाकों में कई ऐसे होटल हैं, जहां बांग्लादेश से इलाज के लिए कोलकाता आने वाले मरीज और उनके परिजन ठहरते हैं। हादसे में मारे गए कुछ लोग भी चिकित्सा उपचार के सिलसिले में भारत आए थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद होटल और पुरानी इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती जांच में आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। भवन में पर्याप्त निकासी व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने घटना के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। हादसे ने घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित होटलों की सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारियों पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।



