Friday, September 4, 2026
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260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आएंगी, 180 kmph की डिजाइन स्पीड…जानिए क्या-क्या मिलेगा

भारतीय रेलवे लंबी दूरी के रात के सफर के लिए 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 kmph होगी, जबकि ऑपरेशनल स्पीड रूट और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुसार 160 kmph तक हो सकती है। ट्रेन में AC 3-Tier, AC 2-Tier और First Class के साथ CCTV, रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, कवच और इमरजेंसी कम्युनिकेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे वंदे भारत सीरीज को अब लंबी दूरी के रात के सफर तक विस्तार देने की तैयारी में है। रेलवे की योजना के तहत 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार किए जाने हैं। इन ट्रेनों के जरिए यात्रियों को ओवरनाइट जर्नी के लिए तेज, आधुनिक और सुविधाजनक सेमी-हाई-स्पीड रेल सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को खास तौर पर लंबी दूरी के रूट्स के लिए डिजाइन किया गया है। इनकी डिजाइन स्पीड 180 kmph है, जबकि वास्तविक ऑपरेशनल स्पीड रूट और रेलवे ट्रैक की क्षमता के आधार पर 160 kmph तक रह सकती है।

260 ट्रेनसेट कौन बनाएगा?

मौजूदा योजना के मुताबिक 260 वंदे भारत स्लीपर रेक अलग-अलग कंपनियों और रेलवे उत्पादन इकाइयों द्वारा तैयार किए जाएंगे।

  • BEML: 10 ट्रेनसेट
  • Integral Coach Factory (ICF), चेन्नई: 50 ट्रेनसेट
  • Kinet Railway Solutions (KRS): 120 ट्रेनसेट
  • Titagarh-BHEL: 80 ट्रेनसेट

BEML को शुरुआती 10 ट्रेनसेट बनाने की जिम्मेदारी मिली है। ये 16-कोच वाले ट्रेनसेट होंगे। वहीं ICF चेन्नई 50 ट्रेनसेट तैयार करेगा। ICF के प्रस्तावित सेट में 24 कोच होंगे और इनमें पैंट्री कार भी शामिल होगी।

लातूर में बनेंगे 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट

RVNL और रूसी कंपनी Transmashholding की जॉइंट वेंचर Kinet Railway Solutions को 120 ट्रेनसेट तैयार करने हैं। इनका निर्माण लातूर में किया जाना है। इन ट्रेनसेट में 16 कोच होंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनकी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रोटोटाइप की डेडलाइन को संशोधित कर 31 मार्च 2027 किया गया है।

180 kmph होगी डिजाइन स्पीड

वंदे भारत स्लीपर को सेमी-हाई-स्पीड ओवरनाइट ट्रेन के तौर पर विकसित किया गया है। इसकी डिजाइन स्पीड 180 kmph रखी गई है। हालांकि यात्रियों के लिए वास्तविक परिचालन गति अलग-अलग रूट पर उपलब्ध ट्रैक और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी। कई रूट्स पर इसकी अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 160 kmph तक हो सकती है।

इंजन की जगह Distributed Power System

पारंपरिक ट्रेनों में लोकोमोटिव पूरी ट्रेन को खींचता है, लेकिन वंदे भारत स्लीपर में Distributed Power System का इस्तेमाल किया गया है। इस व्यवस्था में ट्रेन के अलग-अलग कोच में पावर सिस्टम मौजूद होता है। इससे ट्रेन को तेजी से गति पकड़ने और जरूरत पड़ने पर प्रभावी तरीके से ब्रेक लगाने में मदद मिलती है। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान औसत गति बढ़ाकर कुल सफर का समय कम करना है।

16-कोच प्रोटोटाइप में क्या मिलेगा?

वंदे भारत स्लीपर के मौजूदा 16-कोच प्रोटोटाइप में अलग-अलग श्रेणी के कोच शामिल हैं।

  • 11 AC 3-Tier कोच
  • 4 AC 2-Tier कोच
  • 1 AC First Class कोच

रात की लंबी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कुशन वाली बर्थ और ऊपरी बर्थ तक पहुंचने के लिए बेहतर डिजाइन दिया गया है।

राजधानी जैसी यात्रा, आधुनिक सुविधाओं पर जोर

वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। इनमें नाइट लाइटिंग, इंटीग्रेटेड अनाउंसमेंट सिस्टम, डिस्प्ले पैनल, CCTV, मॉड्यूलर पैंट्री, रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल शामिल हैं। AC First Class कोच में यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं देने की योजना है।

सुरक्षा के लिए भी कई फीचर्स

ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सिस्टम शामिल किए गए हैं। इनमें Kavach, regenerative braking system, centralized coach monitoring system और emergency communication system प्रमुख हैं। इसके अलावा सील्ड गैंगवे और ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग डोर भी दिए गए हैं। यात्रियों के लिए बायो-वैक्यूम टॉयलेट और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग वॉशरूम की व्यवस्था की गई है। AC First Class में शॉवर और हॉट वॉटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

गुवाहाटी-हावड़ा से शुरू हुआ स्लीपर सफर

वंदे भारत स्लीपर की शुरुआती ट्रेनें इस साल गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर सेवा में शामिल हुई थीं। दूसरी ट्रेनसेट फिलहाल ट्रायल प्रक्रिया में है। इसके संभावित रूट के तौर पर बेंगलुरु-मुंबई का नाम सामने आया है, लेकिन अगली यात्री सेवा का रूट रेलवे की आधिकारिक घोषणा तक तय नहीं माना जा सकता।

रात के सफर में बदल सकता है अनुभव

वंदे भारत स्लीपर का विस्तार भारतीय रेलवे के लंबी दूरी के रात वाले सफर को बदल सकता है। तेज गति के साथ बेहतर कोच डिजाइन, आधुनिक यात्री सुविधाएं और सुरक्षा सिस्टम इसे मौजूदा प्रीमियम ट्रेनों के मुकाबले एक नया विकल्प बना सकते हैं। हालांकि नई सेवाओं को अलग-अलग रूट पर शुरू करने से पहले प्रोटोटाइप की टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और संबंधित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियां पूरी करनी होंगी। 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट की योजना पूरी होने के बाद देश में लंबी दूरी के ओवरनाइट रेल सफर के लिए सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है

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