नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के नगरपालिका चुनावों से जुड़े मामले में YSR कांग्रेस पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से कथित तौर पर रोकने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा हैं।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव में उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने और चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर मिलना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का महत्वपूर्ण पहलू है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी मामलों में न्यायिक समीक्षा की भूमिका को पूरी तरह सीमित नहीं किया जा सकता।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के निर्देश
अदालत ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि उम्मीदवारों की ओर से की गई शिकायतों और प्रस्तुत किए गए इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की जाए। मामले में कथित हिंसा और नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने से जुड़ी शिकायतों पर भी कार्रवाई करने को कहा गया है।
CCTV कवरेज और पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पुलिस महानिदेशक (DGP) को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने और CCTV कवरेज सहित अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि उम्मीदवारों को संबंधित फैसला प्रकाशित होने के बाद कम से कम 48 घंटे का समय मिलना चाहिए, ताकि वे आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
25 और 27 अक्टूबर की समयसीमा तय
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को 25 अक्टूबर तक उम्मीदवारों की अंतिम सूची के प्रकाशन को टालने और अगले दिन तक हिंसा तथा रुकावट से संबंधित शिकायतों की जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से 27 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।



