Iran US Israel War: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जंग में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. एक ओर जहां सीजफायर को लेकर बातचीत की बात कही जा रही है. वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई और हमले भी जारी हैं. इस बीच व्हाइट हाउस की तरफ से धमकी दी गई है कि अगर ईरान समझौते को राजी नहीं होता है तो उस पर बड़ा अटैक किया जाएगा.
#WATCH | On the ongoing West Asia conflict, White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "President Trump does not bluff, and he is prepared to unleash hell. Iran should not miscalculate again. Their last miscalculation cost them their senior leadership, their Navy, their… pic.twitter.com/OytkNzISBO
— ANI (@ANI) March 25, 2026
‘ट्रंप केवल चेतावनी नहीं दे रहे’
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अगर ईरान मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस पर तबाही मचाने के लिए तैयार हैं. लेविट ने स्पष्ट किया कि ट्रंप केवल चेतावनी नहीं दे रहे, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर कठोर कदम उठाने की तैयारी भी पूरी है. उन्होंने ईरान को आगाह करते हुए कहा कि मौजूदा हालात का गलत आकलन करना उसके लिए गंभीर परिणाम लेकर आ सकता है.
‘ईरान को फिर से गलत अंदाज़ा नहीं लगाना चाहिए’
कैरोलिन लेविट ने कहा- प्रेसिडेंट ट्रंप कोरी धमकी नहीं देते, और तबाही मचाने के लिए तैयार हैं. ईरान को फिर से गलत अंदाज़ा नहीं लगाना चाहिए. उनके पिछले गलत अंदाज़े की वजह से उन्हें अपनी सीनियर लीडरशिप, अपनी नेवी, अपनी एयर फ़ोर्स और अपने एयर डिफ़ेंस सिस्टम से हाथ धोना पड़ा. इस पॉइंट के बाद कोई भी हिंसा इसलिए होगी क्योंकि ईरानी सरकार ने यह समझने से इनकार कर दिया कि वे पहले ही हार चुके हैं और उन्होंने डील करने से इनकार कर दिया.’
#WATCH | On the ongoing West Asia conflict, White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "The United States military continues to decimate the terrorist Iranian regime's offensive and defensive capabilities. Over three weeks in, it's abundantly clear that Operation Epic… pic.twitter.com/8H28XVTDEz
— ANI (@ANI) March 25, 2026
‘ईरान के पास एक और मौका’
कैरोलिन लेविट ने कहा- प्रेसिडेंट ट्रंप ने सोमवार को बताया, अमेरिका पिछले 3 दिनों से ईरान के साथ अच्छी बातचीत कर रहा है, जिसके चलते प्रेसिडेंट ने डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर को कुछ समय के लिए ईरानी पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को टालने का निर्देश दिया है. ईरानी सरकार के पास प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ सहयोग करने का एक और मौका है. ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम को पूर्ण रूप से छोड़े और अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा न बने.
‘3 हफ़्ते के समय में ईरान की नेवी को खत्म किया’
लेविट ने आगे कहा कि तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय में, यह बिल्कुल साफ़ है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक ज़बरदस्त फौजी जीत साबित हुआ है. अब तक 9,000 से ज़्यादा दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया गया है. यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से 3 हफ़्ते के समय में किसी नेवी को खत्म करने का यह सबसे बड़ा मामला है. हम ईरान के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को सिस्टमैटिक तरीके से खत्म कर रहे हैं, जिससे इस इलाके में भविष्य के खतरों को रोका जा सकेगा.
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